बुलंद सोच, मंदसौर।

गुरुवार दोपहर प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ के चुनाव करवाने की मांग को लेकर एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने मंदसौर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान छात्र नेताओं ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने छात्र नेताओं को कलेक्टर कार्यालय में घुसने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, जिसे छात्र नेता तोड़कर अंदर घुस गए। उन्होंने कार्यालय के गेट के बाहर बैठकर जमकर नारेबाजी की।
पुतला दहन और पुलिस कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं गृह मंत्री अमित शाह का पुतला जलाया। पुलिस ने पुतलों को जलने से रोकने की कोशिश की और फायर फाइटर वाहन से पानी की बौछार भी की गई। इस कार्रवाई में एक कार्यकर्ता को चोट भी लगी और सभी छात्र नेता भीग गए। पानी की बौछार से पुलिस ने छात्र नेताओं को खदेड़ने की कोशिश की।
कलेक्टर से मुलाकात का प्रयास और आगे का कदम
छात्र नेताओं ने कलेक्टर से मुलाकात करने की मांग की, लेकिन मुलाकात नहीं हुई। इसके बाद छात्र नेता बाहर मार्ग पर पहुंचे और यहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय गृह मंत्री का पुतला जलाया। पुलिस ने पुतले को छीनने की कोशिश की। प्रदर्शन के बाद एनएसयूआई के छात्र नेता उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के घर जाने के लिए निकले, हालांकि बाद में कांग्रेस कार्यकर्ता और छात्र नेता उपमुख्यमंत्री के घर नहीं पहुंचे और होटल बसेर के समीप ही रुक गए। यह प्रदर्शन करीब दो से ढाई घंटे तक चला।
प्रमुख उपस्थित पदाधिकारी
प्रदर्शन में एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, विधायक विपिन जैन, एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष मंथन धनोतिया, प्रदेश उपाध्यक्ष कुणाल पटवारी, रणजीतसिंह पटेल सहित प्रदेश एवं जिले के पदाधिकारी व कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
एनएसयूआई नेताओं के बयान
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि वे लगातार छात्र संघ के चुनाव करवाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी मांग को लेकर वे मंदसौर कलेक्टर से मिलने आए थे, पर वे नहीं मिले। चौकसे ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी सरकार चुनाव करवाने के लिए ठस से मस नहीं हो रही है और छात्र संघ चुनाव करवाने की सिर्फ घोषणा की जा रही है, अधिसूचना जारी नहीं की जा रही। उन्होंने प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव करवाए जाने और सरकार द्वारा तत्काल गजट जारी करने की मांग की, चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर आंदोलन जारी रहेगा। चौकसे ने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री, जो छात्र राजनीति से निकले हैं, वे छात्र संघ चुनाव करवाने से बच रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि उनकी लड़ाई मध्य प्रदेश में प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ के चुनाव करवाने की मांग को लेकर लगातार जारी रहेगी।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
एनएसयूआई के मंदसौर जिला प्रभारी डॉ. विजय गोडाना ने कहा कि सरकार प्रत्यक्ष रूप से चुनाव करवाने को तैयार नहीं है और वह नहीं चाहती कि जेनजी आगे आए। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई लगातार जारी रहेगी। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष मंथन धनोतिया ने प्रदेश सरकार से छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से करवाने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी चुनाव क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं। धनोतिया ने कहा कि भाजपा की सरकार को डर है और वह छात्रों को आगे नहीं आने देना चाहती है। उन्होंने कहा कि यदि जेनजी देश के शिक्षा मंत्री को झुका सकते हैं, तो यह प्रदेश सरकार एवं जिले का प्रशासन उनके आगे कुछ भी नहीं है।

