मध्य प्रदेश के कॉलेज चुनावों में अब एबीवीपी और एनएसयूआई के साथ जयस छात्र संगठन (जेसीएस) भी ताल ठोकेगा, जिससे त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। संगठन राज्य के सभी महाविद्यालयों में अपने उम्मीदवार उतारेगा, जिसमें आदिवासी युवाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जयस नेताओं ने घोषणा की है कि वे छात्रों की आवाज बनेंगे और छात्रवृत्ति, रोजगार तथा प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे प्रमुख मुद्दों को उठाएंगे। नौ साल के अंतराल के बाद सितंबर में छात्रसंघ चुनाव होने की संभावना है।
जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद सितंबर में सरकारी और निजी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे, जिससे करीब 12 साल बाद चुनावी माहौल लौटेगा। प्रदेश में आखिरी चुनाव 2016-17 में हुए थे। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अभी औपचारिक निर्देशों का इंतजार है, फिर भी छात्र संगठनों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एबीवीपी और एनएसयूआई नए विद्यार्थियों से संपर्क कर रहे हैं, जबकि करणी सेना और जयस की छात्र विंग जैसे नए संगठनों के भी मैदान में उतरने की संभावना है। डीएवीवी के कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने विश्वविद्यालय की तैयारियों की पुष्टि की है।
मध्य प्रदेश में नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने सितंबर 2026 में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चुनाव कराने का आश्वासन दिया है। विभिन्न राजनीतिक दल इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं, कांग्रेस इसे अपने आंदोलन का परिणाम बता रही है, जबकि एबीवीपी ने लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के रूप में देखा है। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने 2016-17 के ‘गेट वेल सून’ आंदोलन का जिक्र किया, जिसके दौरान छात्र नेताओं को जेल भी जाना पड़ा था। छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई बड़े नेता उभरे हैं।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) के परीक्षा पोर्टल पर बी.फार्मा छात्रा अर्पिता मिश्रा के आवेदन में रोल नंबर की जगह अभद्र शब्द प्रदर्शित होने का मामला गरमा गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है और एमपी ऑनलाइन से औपचारिक रूप से जवाब-तलब करेगा। कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाने ने इसे अस्वीकार्य बताया। छात्रा के पिछले सात सेमेस्टर का शैक्षणिक विवरण भी गलत दिखा। एनएसयूआई और छात्रों ने व्यापक तकनीकी जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। विश्वविद्यालय का कहना है कि एमपी ऑनलाइन के स्पष्टीकरण के बाद ही त्रुटि का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।
ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट हॉस्टल में मंगलवार को छात्र गुटों के बीच जमकर हंगामा हुआ। एनएसयूआई के एक कार्यक्रम को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस हस्तक्षेप के बावजूद अभाविप कार्यकर्ता धरने पर अड़े रहे। रात करीब आठ बजे कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने भावुक होकर छात्रों से हाथ जोड़कर माफी मांगी और आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हो सका। कुलगुरु ने अनधिकृत कार्यक्रम की जांच और संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई का भी आश्वासन दिया।