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2026-10-17

मध्य प्रदेश की 155 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में रासायनिक जांच का अभाव

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति और पानी की गुणवत्ता जांच व्यवस्था में गंभीर कमियां सामने आई हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में संचालित कुल 155 जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं में से किसी में भी पानी में रासायनिक विषाक्तता जांचने की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इन प्रयोगशालाओं में बैक्टीरिया और वायरस जैसे सूक्ष्मजीवीय संदूषण की जांच की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) का परीक्षण करने की सुविधा प्रदेश की केवल एक राज्य-स्तरीय प्रयोगशाला तक सीमित है।

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राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया। इस पर केंद्र सरकार ने पेयजल व्यवस्था को राज्य का विषय बताया। सांसद तन्खा ने दस्तावेजों के साथ राज्य सरकार को पत्र लिखकर विस्तृत जांच और सुधार की मांग की है।

पेयजल आपूर्ति कवरेज की स्थिति

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के 77.21% घरों में नल कनेक्शन चालू हैं। हालांकि, 55 में से 23 जिलों में पेयजल आपूर्ति का कवरेज 70% से कम बना हुआ है। मैहर (40.20%), सिंगरौली (40.62%), छतरपुर (42.77%) और अलीराजपुर (42.78%) में यह स्थिति सर्वाधिक चिंताजनक है।

बालाघाट में एडिनोवायरस का मामला

बालाघाट में 21 बच्चों की मौतों के बाद हैंडपंपों की सफाई और क्लोरिनेशन कार्य शुरू किया गया है। जांच के दौरान पानी में एडिनोवायरस पाया गया था।