विपक्षी दलों के सांसदों ने आज सुबह संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित ज्यादती और राम मंदिर चढ़ावा मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अमित शाह जवाब देने को तैयार हैं, तो उन्हें संसद से भागना नहीं चाहिए। राहुल गांधी ने सोमवार को अमित शाह से पुलिस कार्रवाई की अनुमति देने वाले का नाम बताने की मांग की थी।
जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने गुरुवार को राज्यसभा में केंद्र सरकार से भारत-बांग्लादेश फरक्का जल संधि का नवीनीकरण न करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रही 1996 की इस संधि से बिहार की जल सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ा है। झा ने गंगा बेसिन पर निर्भर सभी राज्यों, विशेषकर बिहार की वर्ष 2050 तक की जल जरूरतों का वैज्ञानिक आकलन कर एक नई जल साझेदारी व्यवस्था बनाने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि नवीनीकरण से राज्य के दीर्घकालिक विकास और लाखों लोगों की आजीविका पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में इंडिया गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की बैठक संसद भवन में हुई। इस बैठक में संसद के मौजूदा मानसून सत्र के लिए रणनीति बनाई गई। विपक्ष ने सरकार को विभिन्न अहम मुद्दों पर घेरने और सदन में अपनी भूमिका तय करने पर चर्चा की। गठबंधन के प्रमुख दलों के नेताओं ने साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ने पर सहमति जताई, जिसमें जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन की राज्यसभा नामांकन निरस्तीकरण को चुनौती देती याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की एकलपीठ ने तीन निर्वाचित राज्यसभा सदस्यों, राज्य व भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त, निर्वाचन अधिकारी और मप्र विधानसभा के प्रमुख सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी। नटराजन ने दावा किया कि उनका नामांकन नियमों के विपरीत और जल्दबाजी में निरस्त किया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला या आरोप लंबित नहीं था, उन्हें केवल एक व्यक्तिगत परिवाद में औपचारिक रूप से प्रतिवादी बनाया गया था।
संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के कारण दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा जारी रही। तृणमूल कांग्रेस, माकपा और जेएमएम सांसदों ने विधेयक की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए और जवाबदेही तथा पारदर्शिता की मांग की। कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ ‘पुलिस कार्रवाई’ को लेकर प्रदर्शन किया, जबकि समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर विरोध जताया। भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और निजी हित साधने का आरोप लगाया।
मध्य प्रदेश अपनी 34.94 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न भंडारण क्षमता के साथ देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है। यह क्षमता उसे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान सहित कई प्रमुख कृषि एवं उपभोक्ता राज्यों से आगे रखती है। केंद्र सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी देश की कुल 5.55 करोड़ मीट्रिक टन भंडारण क्षमता में लगभग 6.3% है, जिससे यह उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के बाद पांचवें स्थान पर है।
भारत सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं। इन पहलों में आर्थिक सहायता, शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाएं शामिल हैं। सीएपीएफ कर्मियों को केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार के सामान पर 50% जीएसटी छूट मिलती है। साथ ही, कर्मी के परिजनों को 25 लाख रुपये से 35 लाख रुपये तक की अनुग्रह राशि और एमबीबीएस में 26 सीटें आरक्षित की गई हैं। यह जानकारी गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन दोनों सदनों में नीट पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष का जोरदार हंगामा जारी रहा, जिसके चलते कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी नेताओं ने काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया और सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप लगाया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। हंगामे के बीच, तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी को असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के लिए पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन रद्द होने के खिलाफ चुनाव याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि तेलंगाना कोर्ट के समन के आधार पर उनका नामांकन नियम विरुद्ध तरीके से निरस्त किया गया, क्योंकि उनके खिलाफ कोई विशिष्ट आपराधिक आरोप नहीं थे, और समन केवल उनका पक्ष जानने के लिए जारी किए गए थे। भाजपा की आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द किया था। नटराजन ने पहले चुनाव आयोग और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां उन्हें चुनाव याचिका दायर करने की स्वतंत्रता मिली थी। मामले की सुनवाई इसी सप्ताह होने की संभावना है।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के खिलाफ जबलपुर हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। उन्होंने बताया कि यह याचिका कानून में निर्धारित 45 दिन की समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत की गई है और अधिवक्ता आर्यन गुप्ता उनकी ओर से पैरवी करेंगे। नटराजन को मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया था, लेकिन नौ जून को उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया था।