बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। भर्ती में आरक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। इसके अतिरिक्त, जिन आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था, उनका इंटरव्यू लेने से भी मना कर दिया गया है।
इंटरव्यू के लिए मध्य प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी आवेदक आए थे। इन आवेदकों को इंटरव्यू की अगली तारीख भी नहीं बताई गई है।
संघ ने वैज्ञानिक रसायन के दो पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इसके अतिरिक्त, लैब सहायक, रसायन, माइक्रोबायोलॉजी और बॉटनी के एक-एक पद भी थे। मार्केटिंग असिस्टेंट और मार्केटिंग को-ऑर्डिनेटर के भी एक-एक पद के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन पदों के लिए पहली बार 9 दिसंबर 2025 को आवेदन बुलाए गए थे, जिसके बाद 29 जून 2026 को दोबारा आवेदन आमंत्रित किए गए।
उक्त सभी पदों की भर्ती में आरक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। जबकि संविदा पदों पर भर्ती में आरक्षण प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है।
सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने 28 सितंबर 2017 को इस संबंध में एक अधिसूचना भी जारी की थी। जीएडी समय-समय पर परिपत्र जारी कर विभागों को भर्ती में आरक्षण प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश देता रहा है। इसके बावजूद लघु वनोपज संघ में भर्ती मनमाने तरीके से की जा रही है।
संघ में रसायन विषय के वैज्ञानिक और लैब सहायक पद के लिए बनी समिति में एक आयुर्वेद चिकित्सक को शामिल किया गया है। इनका रसायन शास्त्र से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। माइक्रोबायोलॉजी और बॉटनी विषय से जुड़े पदों के लिए भी यही स्थिति है।
मध्य प्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ की प्रबंध निदेशक कमलिका मोहंता ने बताया कि संघ में अलग-अलग पदों पर भर्ती प्रक्रिया का एक दौर तो पूरा हो चुका है। कैमिस्ट्री के पदों के लिए बनी चयन समिति ने दो पदों के लिए प्रक्रिया निरस्त की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही विसंगतियां दूर कर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

