BREAKING NEWS

Latest News

मप्र लघु वनोपज संघ भर्ती में आरक्षण प्रक्रिया की अनदेखी, इंटरव्यू रद्द

मध्य प्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। संघ ने वैज्ञानिक रसायन सहित विभिन्न संविदा पदों पर भर्ती में आरक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज किया है। आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाकर उन्हें इंटरव्यू देने से मना कर दिया गया, और अगली तारीख भी नहीं बताई गई। सामान्य प्रशासन विभाग की 2017 की अधिसूचना के बावजूद आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया। रसायन पदों की चयन समिति में एक आयुर्वेद चिकित्सक को शामिल किया गया है। संघ की एमडी कमलिका मोहंता ने कहा कि विसंगतियां दूर कर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मध्य प्रदेश में दिव्यांगजनों को पदोन्नति में आरक्षण नीति बनाने की सिफारिश

मध्य प्रदेश में दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया ने दिव्यांगजनों को पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए एक नीति बनाने की सिफारिश की है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र भेजा है, जिसमें 2023 की पूर्व अनुशंसा का पालन न होने और राजस्थान तथा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में लागू नीतियों का उल्लेख किया गया है। यह अनुशंसा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 34 के प्रावधानों पर आधारित है।

27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की संवैधानिक वैधता पर 50 प्रतिशत सीमा को लेकर बहस ने लिया नया मोड़

मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई में 50% आरक्षण सीमा पर बहस ने नया मोड़ लिया। ओबीसी पक्ष ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण के पहले लागू होने का हवाला देते हुए 50% सीमा पार करने के लिए केवल ओबीसी आरक्षण को जिम्मेदार ठहराने पर आपत्ति जताई। सरकार की दलीलों, विशेषकर पुराने आंकड़ों के उपयोग और नए डेटा की आवश्यकता पर सवाल उठाए गए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 87-13% भर्ती फार्मूले पर सुनवाई 27% ओबीसी आरक्षण की वैधता पर बहस पूरी होने के बाद होगी। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को दोपहर 2.30 बजे निर्धारित है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 27% ओबीसी आरक्षण मामले की सुनवाई आज, अगली तिथि 28 जुलाई

मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामले की सुनवाई आज निर्धारित थी, लेकिन न्यायमूर्ति विनय सराफ की अनुपलब्धता के कारण अब अगली सुनवाई 28 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे होगी। पिछली सुनवाई में, प्रशासनिक न्यायाधीश आनंद पाठक व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष ओबीसी पक्ष ने तर्क दिया था कि 51% आबादी के बावजूद उन्हें लंबे समय तक केवल 14% आरक्षण मिला, जबकि अन्य वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में अधिक आरक्षण प्राप्त है। सरकार अभी तक आरक्षण के आधार को स्पष्ट नहीं कर पाई है।

पूर्व अग्निवीरों के लिए CAPF, असम राइफल्स में 50% आरक्षण की घोषणा

केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (GD) व राइफलमैन (GD) के पदों पर 50% आरक्षण की घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि उन्हें फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट, फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट और लिखित परीक्षा से भी छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, गृह मंत्रालय ने एक्स-अग्निवीर विंग की स्थापना की है, जो उनके भविष्य और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए समन्वय करेगा। कई राज्यों ने भी अपनी पुलिस व अन्य सुरक्षा सेवाओं में अग्निवीरों के लिए विशेष आरक्षण और आयु सीमा में छूट की घोषणा की है।