बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना के ‘मोबिलिटी विजन: 2030’ का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है। इसके अंतर्गत प्रदेश में 15 हजार से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी।
इन बसों के माध्यम से प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही, 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा।
इंदौर में परिवहन समिट
इंदौर में 11-12 सितंबर को एक महत्वपूर्ण समिट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर गहन मंथन होगा।
इस समिट में पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इस समिट में शामिल होने के इच्छुक प्रतिभागी गुरुवार दोपहर 12 बजे तक ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं।
ई-बसों का विस्तार
वर्तमान में मध्य प्रदेश में 96 पीएम ई-बसें और 120 इंटरसिटी बसें संचालित हो रही हैं।
आगामी छह महीनों के भीतर 486 पीएम ई-बसें और 34 इंटरसिटी बसें इस बेड़े में जोड़ी जाएंगी।
वर्ष 2027 तक प्रदेश में ई-बसों की यह संख्या बढ़ाकर 1,100 करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरणीय लाभ
प्रदेश में 100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किए जा रहे हैं।
इस पहल से सालाना 70 हजार टन से अधिक कार्बन डाईआक्साइड के उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है।
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी।
इसके लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसकी सात सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
इन कमांड-कंट्रोल सेंटरों से बसों के संचालन, लोकेशन, टाइमिंग और अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी संभव होगी।
महिला और बाल सुरक्षा
सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गई है।
यह कदम यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
सभी बसों को सात सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से सुसज्जित किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, पैसेंजर इंफार्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी।
निजी निवेश और राज्य का विकास
यह समिट निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को देश के सबसे उन्नत, पर्यावरण-अनुकूल और तकनीक सक्षम सार्वजनिक परिवहन राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का निर्देश
परिवहन विभाग को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सख्त निर्देश दिया है कि बसों में लाइसेंसधारी कंडक्टर नहीं मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

