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2025-07-28

प्रीतम लोधी का विवादित बयान बना बीजेपी के लिए सिरदर्द, मानसून सत्र के पहले ही गरमाई सियासत

bulandsochnews Senior News Reporter

राजनीति | मध्य प्रदेश | विधानसभा सत्र

28 जुलाई 2025

Buland Soch News डेस्क

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भोपाल – मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया, लेकिन सत्र की गंभीर शुरुआत से पहले ही भारतीय जनता पार्टी को अपने ही विधायक की टिप्पणी के कारण सफाई देनी पड़ सकती है।
शिवपुरी जिले के करैरा से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने भाजपा के भीतर सियासी हलचल बढ़ा दी है और विपक्ष को एक बार फिर सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है।

“मेरे पास खुद की गाड़ी नहीं… जो गाड़ी में घूमते हैं, वो गद्दार हैं” — प्रीतम लोधी

प्रीतम लोधी ने मीडिया के सामने कहा,

“मेरे पास अपनी गाड़ी नहीं है। मैं किराए की गाड़ी लेकर आया हूँ। बड़े-बड़े विधायक हैं, जिनके पास लंबी-चौड़ी गाड़ियाँ हैं… और यही लोग समाजसेवा के नाम पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। ऐसे लोग गद्दार हैं।”

उनका यह बयान सार्वजनिक मंच पर दिया गया और कुछ ही घंटों में वायरल हो गया। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह बयान सीधे-सीधे उन विधायकों की ओर इशारा करता है, जो महंगी गाड़ियों में चलते हैं और जिन्हें अक्सर “लाइफस्टाइल पॉलिटिशियन” कहा जाता है।

हालांकि, प्रीतम लोधी ने किसी विधायक का नाम नहीं लिया, लेकिन “गद्दार” और “भ्रष्ट” जैसे शब्दों का उपयोग कर उन्होंने पार्टी लाइन से अलग हटकर तीखा हमला जरूर किया है।

मानसून सत्र में सियासी तूफान, कांग्रेस ने किया तीखा वार

विपक्ष इस मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहता। कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने प्रीतम लोधी के बयान को लपकते हुए कहा:

“22 सालों में मध्यप्रदेश भ्रष्टाचार और अराजकता का केंद्र बन गया है। कानून व्यवस्था चरमरा गई है। प्रीतम लोधी का बयान इस बात का प्रमाण है कि बीजेपी के अंदर ही लोग अब सच्चाई बोलने लगे हैं।”

कांग्रेस ने कहा कि जब सत्ताधारी दल के विधायक ही सरकार की नीयत और कार्यशैली पर सवाल उठाने लगें, तो समझ लेना चाहिए कि हालात कितने बिगड़े हुए हैं। उन्होंने मांग की कि भाजपा इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाए और जनता को बताए कि कौन हैं वो विधायक जिन पर प्रीतम लोधी ने आरोप लगाए हैं।

बीजेपी के लिए चुनौती — कार्रवाई या चुप्पी?

अब सवाल ये उठ रहा है कि भाजपा इस बयान पर क्या कार्रवाई करती है?
क्या प्रीतम लोधी को पार्टी से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा?
या यह कहकर टाल दिया जाएगा कि ये “व्यक्तिगत राय” है?

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभी तक इस बयान पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। लेकिन संगठन स्तर पर चर्चा जरूर हो रही है कि इससे पार्टी की छवि को नुकसान हो सकता है, खासकर तब जब विधानसभा चुनावों की आहट तेज़ हो चुकी है।

कौन हैं प्रीतम लोधी?

प्रीतम लोधी, मध्यप्रदेश की राजनीति में एक तेज-तर्रार और स्पष्टवादी छवि रखने वाले नेता माने जाते हैं। वे करैरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और अक्सर दलित और पिछड़े वर्ग के मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाते हैं।
इससे पहले भी वह कुछ विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में आ चुके हैं।

उनकी इस बार की टिप्पणी को कुछ लोग “सिस्टम के खिलाफ आक्रोश” कह रहे हैं, तो कुछ इसे “राजनीतिक असंतोष” और “पार्टी विरोधी गतिविधि” की श्रेणी में गिन रहे हैं।

निष्कर्ष: बयान बड़ा है, असर और भी बड़ा हो सकता है

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह सिर्फ एक विधायक की भड़ास नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर चल रही असहमति और असंतोष की एक बानगी है।
अगर पार्टी इस पर चुप रही तो विपक्ष को मुद्दा मिलेगा — और अगर कार्रवाई की गई तो भीतरखाने के मतभेद खुलकर सामने आ सकते हैं।

Buland Soch News इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है और हर राजनीतिक घटनाक्रम की निष्पक्ष रिपोर्टिंग आपके सामने लाता रहेगा।