बुलंद सोच, ग्वालियर।
मध्य प्रदेश शासन ने जनवरी 2026 में महाराष्ट्र के बारामती में हवाई पट्टी पर हुए विमान हादसे से सबक लिया है, जिसमें तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का निधन हो गया था। इसके बाद प्रदेश के विमानन विभाग ने सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर अनियंत्रित हवाई पट्टियों और एरोड्रम का डेटा मांगा है। साथ ही, ऐसी हवाई पट्टियों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
विमानन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के उपरांत, सभी जिलों के प्रशासन और एयरपोर्ट प्रबंधन ने आवश्यक डेटा तैयार करना आरंभ कर दिया है। यह समस्त जानकारी, जिसमें सुरक्षा मानक भी शामिल हैं, भोपाल भेजी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि जनवरी 2026 में मुंबई से बारामती आ रहा वीएसआर वेंचर्स का विमान बारामती एयरपोर्ट के निकट लैंडिंग के समय घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस गंभीर हादसे में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सहित चार अन्य व्यक्ति, जिनमें पायलट और सुरक्षाकर्मी शामिल थे, मारे गए थे। इस हादसे की जांच रिपोर्ट के पश्चात ही अनियंत्रित हवाई पट्टियों पर सुरक्षा व्यवस्था और पर्याप्त इंतजामों की कवायद प्रारंभ हुई है।
मध्य प्रदेश शासन के विमानन विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं। ग्वालियर प्रशासन ने भी एयरपोर्ट डायरेक्टर को पत्र लिखकर डेटा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इस संपूर्ण प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वर्तमान हवाई पट्टियों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम मौजूद हैं अथवा नहीं। इसके अतिरिक्त, खराब मौसम की स्थिति में आवश्यक सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जाएगा।

