बुलंद सोच, नीमच।
नीमच जिला मुख्यालय पर रिमझिम वर्षा के बीच चार युवकों ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में लोट लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क निर्माण की मांग उठाई। प्रदर्शनकारी युवकों का कहना है कि सड़क स्वीकृत हो चुकी है और करीब चार साल पहले इसका भूमिपूजन भी हो चुका है।
युवकों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी और वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के बीच सड़क का कार्य आज भी उलझा हुआ है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्ते से आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अनोखा प्रदर्शन और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
इसी क्रम में, मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में ग्राम कानियाखेड़ी के दीपक नायक और तीन अन्य युवक परिसर में लोट लगाते हुए संयुक्त प्रशासनिक कार्यालय परिसर के मुख्य द्वार तक पहुंचे।
इस अनूठे प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर डिप्टी कलेक्टर चंद्र सिंह धार्वे, तहसीलदार संतोष कुमार, मृगेंद्र सिसौदिया और होमगार्ड मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी युवकों की शिकायत सुनी।
कानियाखेड़ी-अंबा माता रोड का मामला
विरोध प्रदर्शन में शामिल युवकों ने बताया कि ग्राम पंचायत दड़ौली के ग्राम कानियाखेड़ी में अब भी सड़क का अभाव है। उन्होंने दोहराया कि सड़क मंजूर हो चुकी है और विधायक ओमप्रकाश सकलेचा चार साल पूर्व भूमिपूजन भी कर चुके हैं, लेकिन अब तक सड़कों का नामो-निशान नहीं है।
युवकों ने यह भी कहा कि पीडब्ल्यूडी और वन विभाग की एनओसी के चक्कर में कानियाखेड़ी-अंबा माता रोड का निर्माण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आवेदन देकर एनओसी की समस्या का निराकरण करने, ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने और जल्द सड़क निर्माण की मांग की है।
जनसुनवाई में बढ़ते अनूठे प्रदर्शन
कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस तरह के अनूठे विरोध प्रदर्शन की घटनाएं अब सामान्य हो चुकी हैं।

