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सतना में कागजों में सड़कें बनने का आरोप, PWD के मझगवां SDO अश्वनी निगम हटाए गए

चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने सतना जिले में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर सड़कों के निर्माण में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपये की लागत से स्वीकृत कई सड़कें केवल कागजों में बनी हैं, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। विधायक ने मझगवां एसडीओ अश्वनी निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिसके बाद मुख्य अभियंता पंकज खरादी ने एसडीओ को पद से हटा दिया। अब विभाग पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच को लेकर सबकी नजरें टिकी हैं, हालांकि भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

भोपाल में भारी बारिश से जलभराव: सड़कें बंद, स्कूल अवकाश घोषित

भोपाल में देर रात से जारी तेज बारिश के कारण शिवनगर कॉलोनी सहित कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। भोपाल-बैरसिया मार्ग समेत कई प्रमुख रास्ते बंद कर दिए गए। कलेक्टर के निर्देश पर नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, हालांकि शिक्षकों को स्कूल पहुंचना होगा। मंत्री विश्वास सारंग ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत सामग्री पहुंचाने और नाले-नालियों की सफाई के निर्देश दिए। जलभराव ने शहर की निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

इंदौर में गड्ढे भरने के 50 करोड़ के बजट पर सवाल, 14 लाख प्रतिदिन खर्च के बावजूद सड़कें बदहाल

इंदौर नगर निगम सड़कों के गड्ढे भरने पर प्रतिदिन लगभग 14 लाख रुपये और सालाना 50 करोड़ रुपये खर्च करता है। इतनी भारी राशि खर्च होने के बावजूद शहर की सड़कें बदहाल हैं और गड्ढे कम नहीं हो रहे हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी 50 करोड़ के वार्षिक बजट को स्वीकार किया है। लगभग 70 प्रतिशत सीमेंटेड सड़कों पर डामर के पैचवर्क की प्रासंगिकता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बारिश में डामर हट जाता है। जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि वर्षा के कारण काम रुका है और ठेकेदार बारिश थमने पर बिना अतिरिक्त शुल्क के दोबारा पैचवर्क करेंगे।

इंदौर-देवास बायपास की बदहाली पर हाई कोर्ट सख्त: गड्ढों को ‘जानलेवा’ करार दिया

इंदौर-देवास बायपास की बदहाली पर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने गड्ढों के फोटोग्राफ पेश किए, जिस पर कोर्ट ने उन्हें ‘जानलेवा’ और ‘खतरनाक’ बताया। कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से 2023 से अब तक की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मौखिक रूप से सात दिन में स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। मातृ फाउंडेशन ने यह जनहित याचिका दायर की है। NHAI ने ठेकेदार हटाने की बात कही, लेकिन याचिकाकर्ता ने 18 फीट चौड़े गड्ढे की तस्वीरें पेश कीं।

करोड़ों की लागत के बाद भी ग्वालियर की सड़कें बदहाल, स्मार्ट सिटी पर सवाल

ग्वालियर में दो-तीन दिनों की वर्षा से शहर की सड़कें बदहाल हो गई हैं, जिससे नगर निगम के समय पर निर्माण और पैच रिपेयरिंग में लापरवाही उजागर हुई है। करोड़ों की लागत से बनी ट्रांसपोर्ट नगर की सड़कों में भी जलभराव और बड़े गड्ढे हैं, जिससे व्यापारी और ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। कारोबारियों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं, जबकि ठेकेदार राबिन सक्सेना ने 90 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा किया है और गिट्टी निकलने की बात से इनकार किया है। झांसी रोड के धंसने के बावजूद अधिकारियों ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। शिंदे की छावनी और सिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में भी सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं।

भोपाल: वार्ड-12 में सड़क सुधार कार्य शुरू, नेहरू नगर में स्ट्रीट लाइट चालू

दैनिक भास्कर ऐप का ‘भास्कर समाधान’ भोपाल में जनसमस्याओं के समाधान में प्रभावी साबित हो रहा है। हाल ही में, नारियल खेड़ा में खराब सड़क की शिकायत के बाद वार्ड-12 में अस्थायी मरम्मत कार्य शुरू हुआ। नेहरू नगर में कई महीनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट भी वार्ड-29 के पार्षद देवांशु कसाना के हस्तक्षेप से चालू कर दी गई, जिससे रहवासियों को अंधेरे से राहत मिली। हालांकि, शहर में अभी भी खुले टैंक, बंद स्ट्रीट लाइट, सीवेज और कचरे के ढेर जैसी नई शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनके समाधान की आवश्यकता है। यह मंच नागरिकों को सीधे अधिकारियों तक पहुंचने में मदद करता है।

मैहर सड़क निर्माण: तकनीकी मामलों में दखल से हाई कोर्ट का इनकार, सरकार को फटकार

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मैहर में मां शारदा मंदिर मार्ग पर प्रस्तावित सड़क निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि सड़क निर्माण तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट और आवश्यक तकनीकी आकलन पर आधारित होता है, और ऐसे तकनीकी निर्णयों में अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती। इसके अतिरिक्त, हाई कोर्ट ने 40 बस रूटों की नई परिवहन योजना पर सरकार को फटकार लगाते हुए नोटिफिकेशन पर अंतरिम रोक लगाई और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

देवास-भोपाल कॉरिडोर पर चौबीसों घंटे सक्रिय आपातकालीन रिस्पॉन्स सिस्टम विकसित

देवास-भोपाल कॉरिडोर प्राइवेट लिमिटेड (DBCPL) ने 149.700 किलोमीटर लंबे देवास-भोपाल कॉरिडोर पर चौबीसों घंटे सक्रिय इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम विकसित किया है। इस प्रणाली के तहत 24×7 एम्बुलेंस सेवा, रिकवरी क्रेन, हाईवे पेट्रोलिंग वाहन और आपातकालीन हेल्पलाइन 1099 उपलब्ध हैं, जिनका उद्देश्य दुर्घटना या आपात स्थिति में त्वरित सहायता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। डीबीसीपीएल कॉरिडोर के नियमित रखरखाव, जिसमें गड्ढों की मरम्मत और लेन मार्किंग शामिल है, के साथ-साथ ‘प्रोजेक्ट निरामया’ और ‘प्रोजेक्ट सक्षम’ जैसी सामाजिक पहलों के माध्यम से समुदायों के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है।

भोपाल में मानसून सक्रिय: दो दिन में 3 इंच बारिश, बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ा; पुराने मकान का हिस्सा गिरा, युवक घायल

राजधानी भोपाल में मानसून ने पिछले 48 घंटों में लगभग 3 इंच बारिश दर्ज की, जिससे मौसम सुहाना हुआ और लोगों को गर्मी-उमस से राहत मिली। अच्छी बारिश से बड़े तालाब का जलस्तर बढ़कर 1659.60 फीट हो गया है, हालांकि यह फुल टैंक लेवल से 7.20 फीट नीचे है। जुलाई का वर्षा कोटा अभी भी 5.21 इंच कम है। इसी बीच, पुराने शहर में एक 80-90 साल पुराने मकान का हिस्सा ढहने से एक युवक घायल हो गया। बारिश ने शहर की सड़कों की बदहाली भी उजागर की है, जहां गड्ढों और कीचड़ से दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।