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सतना में कागजों में सड़कें बनने का आरोप, PWD के मझगवां SDO अश्वनी निगम हटाए गए

चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने सतना जिले में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर सड़कों के निर्माण में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपये की लागत से स्वीकृत कई सड़कें केवल कागजों में बनी हैं, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। विधायक ने मझगवां एसडीओ अश्वनी निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिसके बाद मुख्य अभियंता पंकज खरादी ने एसडीओ को पद से हटा दिया। अब विभाग पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच को लेकर सबकी नजरें टिकी हैं, हालांकि भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

रीवा में पीडब्ल्यूडी के प्रभारी मुख्य अभियंता 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

रीवा में लोकायुक्त पुलिस ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे और उनके अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मंगलवार को आरोपी के शासकीय आवास के पास की गई। शिकायतकर्ता सोनू सिंह की शिकायत पर यह जाल बिछाया गया था, जिसमें आरोपी 1 लाख रुपये प्रति माह की मांग कर रहा था। दोनों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई जारी है।

पीडब्ल्यूडी में प्रमोशन फाइलों में हेरफेर: अनुभाग अधिकारी दयानंद उपाध्याय कार्यमुक्त

पीडब्ल्यूडी में इंजीनियरों की पदोन्नति फाइलों में हेरफेर के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने अनुभाग अधिकारी दयानंद उपाध्याय को कार्यमुक्त कर उनकी सेवाएं सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दी हैं। यह मामला सहायक अभियंता से कार्यपालन अभियंता और अधीक्षण अभियंता से मुख्य अभियंता पदों की डीपीसी के लिए तैयार फोल्डरों में लंबित विभागीय जांच छिपाने और गोपनीय प्रतिवेदनों में काट-छांट करने से जुड़ा है। तत्कालीन मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा गड़बड़ी संज्ञान में आने के बाद डीपीसी रद्द कर दी गई थी, जिससे 23 अधीक्षण अभियंता से मुख्य अभियंता पदों पर पदोन्नति अटक गई है।

शहडोल में पीडब्ल्यूडी ने साढ़े चार किलोमीटर सड़क बनाई, 100 मीटर पुलिया अधूरी

शहडोल जिले में लोक निर्माण विभाग ने जनपद पंचायत बुढ़ार के टेंघा से छिनमार मार्ग पर करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पूरा कर लिया है। लेकिन, मार्ग के बीच नदी पर प्रस्तावित 100 मीटर लंबी पुलिया का काम शुरू नहीं हो सका है। बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को घंटों पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है और वे अक्सर फंस जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की प्राथमिकता गलत थी, जबकि विभाग के अधिकारियों ने जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।

सीधी में 9 जर्जर भवन मानव निवास के अयोग्य घोषित, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

सीधी में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने नगर पालिका परिषद क्षेत्र के 9 अत्यंत जर्जर और खतरनाक भवनों को चिन्हित किया है। विभाग ने इन भवनों को मानव निवास के अयोग्य बताया है और कहा है कि इनसे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मानसून में लगातार बारिश से इनके गिरने का खतरा और बढ़ गया है, जिससे जनहानि की आशंका है। पीडब्ल्यूडी ने नगर पालिका को त्वरित कार्रवाई और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की अनुशंसा की है, तथा संबंधित अधिकारियों को प्रतिवेदन की प्रतिलिपि भेजी है।

बेटे की चाहत में पीडब्ल्यूडी इंजीनियर आरती यादव की कथित हत्या, पति-सास-ससुर पर साजिश का आरोप

इंदौर में पीडब्ल्यूडी इंजीनियर आरती यादव की मौत का मामला गरमा गया है। उनके भाई उपेंद्र जरिया ने आरोप लगाया है कि आरती को नींद की गोलियां खिलाकर फांसी पर लटकाया गया। उपेंद्र ने पति निलेश, सास रमणी और ससुर केशवसिंह यादव पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। पति निलेश पर बेटे की चाहत में दूसरी शादी करने की इच्छा रखने और आरती को प्रताड़ित करने का आरोप है। वहीं, तपेश्वरी बाग में 26 वर्षीय पलक की अधजली लाश मिली, जिसकी पुलिस हत्या, आत्महत्या और हादसे के एंगल से जांच कर रही है। धार जिले में एक स्लीपर बस पर पथराव की घटना भी सामने आई।