बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर में ड्रग्स कनेक्शन की जांच के तार अब जमीन के कारोबार तक पहुंच गए हैं। पुलिस ने पटवारी बंधुओं से जुड़े कॉलोनाइजर सुमीत जैन से शनिवार को करीब दस घंटे तक पूछताछ की। पुलिस को यह संदेह है कि किसानों से जमीन खरीदने के लिए की जाने वाली रेसो डील में कहीं छलावा तो नहीं किया जा रहा है। पूछताछ के बाद पुलिस ने सुमीत जैन को छोड़ दिया, लेकिन उन्हें दस्तावेजों के साथ दोबारा बुलाया गया है।
पुलिस की दस्तावेज़ मांग
जोन-1 के डीसीपी नरेंद्रसिंह रावत ने बताया कि सुमीत जैन को नोटिस देकर राजेंद्र नगर थाने बुलाया गया था। उनसे जमीन के कारोबार और पटवारी बंधुओं से जुड़े लेन-देन के संबंध में सवाल किए गए। पुलिस ने सुमीत जैन से किसानों से खरीदी गई जमीन के दस्तावेज, अनुबंध, जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित कागजात के साथ-साथ टीएनसीपी और रेरा से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं।
कृष्णायन बिल्डकान में पटवारी बंधुओं की हिस्सेदारी
पूछताछ के दौरान सुमीत जैन ने पुलिस को बताया कि उनकी फर्म कृष्णायन है, जिसके माध्यम से ‘वृंदावन प्राइम’ नाम से प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। कृष्णायन बिल्डकान में पटवारी बंधुओं की हिस्सेदारी होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, इस फर्म में नाना पटवारी और भरत पटवारी के निवेश से संबंधित जानकारी मिली है।
आगे की जांच
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि किसानों से जमीन लेते समय क्या शर्तें निर्धारित की गईं, भुगतान किस प्रकार किया गया और बाद में जमीन का उपयोग या सौदा किस तरीके से हुआ। सुमीत जैन को रात करीब 11 बजे पूछताछ के बाद छोड़ा गया। अगली पूछताछ दस्तावेजों के साथ की जाएगी, जिससे जमीन के इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

