बुलंद सोच।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। केंद्र की सत्ता में रहते हुए यह उनका 13वां जन्मदिन है। गुरुवार सुबह से ही उन्हें देश-विदेश से बधाई मिलने का सिलसिला जारी है। प्रधानमंत्री के तौर पर अपने 12 वर्षों के शासन में उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें देश की अर्थव्यवस्था को गति देना और इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करना शामिल है।
पीएम मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर भी कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इनमें सबसे लंबे समय तक अलग-अलग स्तरों पर सरकार चलाने वाले नेता और सबसे लंबे समय तक गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहने की उपलब्धि शामिल है। इसी साल पीएम मोदी ने भारत पर लगातार सबसे लंबा शासन करने वाले प्रधानमंत्री बनने का कीर्तिमान भी अपने नाम किया। उन्होंने जून में पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के लगातार 4398 दिन शासन (चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर) करने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
पीएम मोदी द्वारा तोड़े गए प्रमुख रिकॉर्ड
22 मार्च 2026 को पीएम मोदी राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों को मिलाकर भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बन गए थे। लगातार कार्यकारी पद पर बने रहने के मामले में उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि सिर्फ किसी एक सरकार का नेतृत्व करते हुए नहीं आई है, बल्कि इसमें 15 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड (अक्तूबर 2001 – मई 2014) और अब लगातार करीब 12 साल से प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड (मई 2014 – वर्तमान) शामिल है।
पीएम मोदी कांग्रेस पार्टी से बाहर के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने इस मामले में अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को काफी पीछे छोड़ दिया है। वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता हैं, जिन्होंने संसद में लगातार दो बार पूर्ण बहुमत (2014 और 2019 दोनों में) की सरकार बनाई। इन चुनावों में भाजपा अपनी दम पर बहुमत के आंकड़े 272 के पार थी, वहीं एनडीए का आंकड़ा 300 के पार ही था।
2024 के आम चुनावों के बाद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीन कार्यकाल के लिए चुने जाने वाले इतिहास के दूसरे भारतीय नेता बने। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल जवाहरलाल नेहरू के नाम थी।
अक्तूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार नियुक्त होने के बाद से, वह सत्ता में रहते हुए कभी कोई चुनाव नहीं हारे हैं और उन्होंने एक भी दिन निर्वाचित कार्यकारी पद से बाहर नहीं बिताया है।
लगातार सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले चुने हुए लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बन गए। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार कार्यकाल वाले 64 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
आंकड़ों के अनुसार, आजादी के बाद देश के पहले आम चुनावों के बाद गठित पहली लोकसभा का गठन 17 अप्रैल 1952 को हुआ था। उसकी पहली बैठक 13 मई 1952 को हुई थी और इसी दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
उस लिहाज से देखा जाए तो नेहरू पहला चुनाव जीतने के बाद लगातार 4398 दिन (12 साल 15 दिन) तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वहीं, पीएम मोदी ने कुल 4399 दिन लगातार पीएम रहने का गौरव हासिल कर लिया।
जवाहरलाल नेहरू का प्रधानमंत्री के रूप में कुल कार्यकाल 6,131 दिन का था, क्योंकि उन्होंने भारत की कमान 1947 में ब्रिटिश शासन से आजादी के बाद ही संभाल ली थी। तब पीएम पद के लिए कोई चुनाव नहीं हुआ था। देश में पहली बार आम चुनाव 1952 में ही हुए। यानी 1947 से 1952 तक नेहरू पीएम तो रहे, लेकिन उनकी सरकार चुनाव के जरिए नहीं आई थी यानी निर्वाचित नहीं थी।
इस लिहाज से आम चुनाव के बाद लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होकर लगातार प्रधानमंत्री पद पर रहने की अवधि को देखा जाए, तो पीएम मोदी अब नेहरू के रिकॉर्ड को पार कर चुके हैं।
पीएम मोदी की पहुंच से दूर रिकॉर्ड
भले ही पीएम मोदी लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होकर लगातार सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री बनने के करीब हैं, लेकिन प्रधानमंत्री पद पर कुल दिनों के मामले में जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड अभी भी सबसे ऊपर है। जवाहरलाल नेहरू का कुल कार्यकाल (1947-1964) 16 वर्ष और 286 दिन का रहा है यानी कुल 6,131 दिन। इसी तरह इंदिरा गांधी ने भी अलग-अलग कार्यकालों में देश पर 15 साल से ज्यादा शासन किया है।
मई 2014 से अब तक पीएम मोदी का कार्यकाल लगभग 12 वर्ष का हुआ है। नेहरू के इस कुल कार्यकाल के रिकॉर्ड को पार करने के लिए पीएम मोदी को साल 2030 के अंत तक देश का प्रधानमंत्री बने रहना होगा। यानी भाजपा का अगला लोकसभा चुनाव जीतना जरूरी होगा, साथ ही पीएम मोदी का 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद अगले करीब दो साल तक लगातार प्रधानमंत्री बना रहना भी अनिवार्य होगा।
पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 12 साल से अधिक (4,610 दिन) का समय बिताया, जो एक बड़ा रिकॉर्ड है। हालांकि, राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सर्वकालिक इतिहास में उनसे आगे कई नेता हैं। सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग (24 वर्ष, 165 दिन) और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (24 वर्ष, 99 दिन) के नाम भारत में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है। चूंकि पीएम मोदी अब पूरी तरह राष्ट्रीय राजनीति में हैं, इसलिए मुख्यमंत्री के इस व्यक्तिगत रिकॉर्ड में अब बदलाव होने की संभावना कम ही है।
चुनावी सफलता के मामले में भाजपा ने पीएम मोदी के नेतृत्व में 2014 (282 सीटें) और 2019 (303 सीटें) में पूर्ण बहुमत हासिल किया। लेकिन भारत के संसदीय इतिहास में एक पार्टी द्वारा सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड अभी भी कांग्रेस के नाम है। यह जीत राजीव गांधी के समय में कांग्रेस को मिली थी, तब पार्टी ने 414 सीट जीत कर इतिहास रच दिया था। यह अब तक का रिकॉर्ड है, जिसे कोई भी दल या यहां तक कि गठबंधन भी नहीं तोड़ पाया है।
पीएम मोदी इस समय अपने तीसरे कार्यकाल में हैं, जिससे उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के लगातार तीन बार प्रधानमंत्री चुने जाने के रिकॉर्ड की बराबरी की है। अगर वह 2029 में चौथे कार्यकाल के लिए निर्वाचित होते हैं, तो वह भारत के इतिहास में चार बार प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता बनकर एक नया रिकॉर्ड कायम करेंगे।

