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2026-10-17

गांधीनगर में मुख्य अग्निशमन अधिकारी 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, नई दिल्ली।

गांधीनगर नगर निगम के प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेशकुमार पटेल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने एक व्यक्ति से फायर सेफ्टी रिन्यूअल एनओसी जारी करने के बदले में रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता की सूचना पर एसीबी ने जाल बिछाया और आरोपी को सेक्टर-17 स्थित उसके कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है और मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है।

बेलगावी फ्रिज ब्लास्ट में छह की मौत

कर्नाटक के बेलगावी में पिछले दिनों घर में लगे फ्रिज में हुए जोरदार धमाके और आग लगने की घटना में दो और झुलसे लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की कुल संख्या छह हो गई है। मृतक पिता-पुत्र थे, जिनका गंभीर हालत में इलाज चल रहा था। शुरुआती जांच के अनुसार, फ्रिज फटने के बाद आग पूरे घर में तेजी से फैल गई थी, जिससे परिवार के लोग बाहर नहीं निकल सके। इससे पहले चार अन्य सदस्यों की मौत हो चुकी थी। एक ही परिवार के छह लोगों की मौत से चावत गली इलाके में मातम पसरा हुआ है।

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बिना ड्यूटी गए 6 माह वेतन लेने वाली चिकित्सा अधिकारी हटाई गईं

कर्नाटक के बागलकोट में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें कांग्रेस विधायक उमेश मेती की भतीजी डॉ. अंकिता आर यरगल बीते छह महीने से बिना ड्यूटी पर जाए वेतन प्राप्त कर रही थीं। यह मामला सामने आने के बाद उन्हें मेडिकल ऑफिसर के पद से हटा दिया गया है। डॉ. अंकिता की नियुक्ति बागलकोट के सरकारी ‘नम्मा क्लीनिक’ में चिकित्सा अधिकारी के तौर पर हुई थी। आरोप है कि वह नियमित रूप से क्लिनिक नहीं जाती थीं, लेकिन उपस्थिति रजिस्टर में उनकी हाजिरी दर्ज होती रही और उन्हें करीब 75 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता रहा। इसी दौरान वह एक निजी मेडिकल कॉलेज में एमडी (पैथोलॉजी) की पढ़ाई भी कर रही थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने मार्च 2026 में यह कोर्स शुरू किया था। यह मामला तब सामने आया जब स्थानीय स्तर पर उनकी अनुपस्थिति को लेकर शिकायतें हुईं। स्थानीय कार्यकर्ता राजू नाइक ने आरोप लगाया कि क्लिनिक का कामकाज मुख्य रूप से नर्सों के भरोसे चल रहा था। इसके बाद जिले के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने डॉ. अंकिता को सेवा से हटाने का आदेश दिया।

बढ़ता तापमान बच्चों की पढ़ाई का समय घटा रहा

आईआईटी गुवाहाटी के एक नए अध्ययन के अनुसार, बढ़ता तापमान बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है। अध्ययन में पाया गया है कि जब तापमान चरम पर पहुंचता है, तो बच्चे पढ़ाई में कम समय देते हैं और आराम तथा मनोरंजन जैसी गतिविधियों में अधिक समय बिताते हैं। गर्म दिनों में स्कूल और कॉलेज जाने की दर में भी कमी देखी गई है, जिससे बच्चों के सीखने के लिए उपलब्ध समय प्रभावित हो सकता है। यह अध्ययन आईआईटी गुवाहाटी के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर भास्कर ज्योति नियोग के नेतृत्व में किया गया है। इसके निष्कर्ष रिव्यू ऑफ इकोनॉमिक्स ऑफ द हाउसहोल्ड जर्नल में प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं ने 2019 के नेशनल टाइम यूज सर्वे के आंकड़ों को रोजाना के मौसम संबंधी आंकड़ों से जोड़कर यह देखा कि अलग-अलग तापमान में बच्चे अपने समय का इस्तेमाल कैसे करते हैं। अत्यधिक गर्म या बेहद ठंडे मौसम में बच्चों के समय के इस्तेमाल में बदलाव आता है, जिसमें पढ़ाई के लिए दिया जाने वाला समय घटता है, जबकि आराम और मनोरंजन जैसी गतिविधियों के लिए समय बढ़ जाता है। गर्म दिनों में शैक्षणिक संस्थानों में उपस्थिति घटने का संबंध भी सामने आया है।