मंडला में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बुधवार को वन विभाग के बाबू श्वेतांक चौरसिया के घर पर आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर छापा मारा। 14 सदस्यीय टीम को प्रारंभिक जांच में 50 लाख रुपये की दुकान, 5 लाख रुपये नकद, चार किलो चांदी, 200 ग्राम सोने के आभूषण और तीन चारपहिया वाहन मिले। श्वेतांक चौरसिया की 20 साल की नौकरी में वैध आय लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है। ईओडब्ल्यू की गुप्त प्रारंभिक जांच में आय से करीब 300 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई थी।
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू फास्ट ट्रैक कोर्ट में 13 आरोपियों पर आज से दलीलें शुरू होने की संभावना है, अदालत ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लिया है। झारखंड भर्ती घोटाले में करीब 150 लोग ईडी की जांच के दायरे में हैं। जस्टिस यशवंत वर्मा पर संसद के शीतकालीन सत्र में महाभियोग प्रक्रिया पर विचार हो रहा है। हरिद्वार से लौटे दिव्यांग दंपती के चार बच्चों की स्कूल फीस माफ कर दी गई है। गूगल ने अपनी नई पिक्सल 11 सीरीज लॉन्च की है। दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के आसपास बारिश के आसार हैं और चीनी मांझे की गुपचुप बिक्री भी सामने आई है।
चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने सतना जिले में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर सड़कों के निर्माण में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपये की लागत से स्वीकृत कई सड़कें केवल कागजों में बनी हैं, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। विधायक ने मझगवां एसडीओ अश्वनी निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिसके बाद मुख्य अभियंता पंकज खरादी ने एसडीओ को पद से हटा दिया। अब विभाग पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच को लेकर सबकी नजरें टिकी हैं, हालांकि भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
कमलापुर के पंचायत सचिव ओमप्रकाश ण को लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने बुधवार दोपहर 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त जारी करने के लिए शिकायतकर्ता सलीम शाह से रिश्वत की मांग की थी। सलीम शाह ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई, जिसकी जांच उप पुलिस अधीक्षक दिनेशचंद्र पटेल ने की। शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने पंचायत सचिव को उसके कार्यालय से दबोचा। उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने ग्वालियर में सड़कों की गुणवत्ता से जुड़ी जनहित याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने नगर निगम से पिछले पांच वर्षों में सड़क निर्माण पर खर्च की गई राशि का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। कोर्ट ने सिटी प्लानर सुरेश अहिरवार के गुमराह करने के प्रयास पर टिप्पणी की। न्यायालय ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांचने के लिए एक अधिवक्ता की अध्यक्षता में तकनीकी टीम सहित कमीशन गठित करने का भी संकेत दिया।
रीवा में लोकायुक्त पुलिस ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे और उनके अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मंगलवार को आरोपी के शासकीय आवास के पास की गई। शिकायतकर्ता सोनू सिंह की शिकायत पर यह जाल बिछाया गया था, जिसमें आरोपी 1 लाख रुपये प्रति माह की मांग कर रहा था। दोनों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई जारी है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अवैध खनन और परिवहन से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रभारी माइनिंग अधिकारी पंकज मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कलेक्टर रुचिका चौहान से भी पूछताछ की, जिन्होंने पहले मिश्रा के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त को पूर्व और वर्तमान माइनिंग अधिकारियों के खिलाफ जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कलेक्टर को 30 सितंबर तक सभी खदानों का पूरा रिकॉर्ड और अवैध परिवहन रोकने के उपायों का ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया।
मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की दुबई में कथित संपत्ति की लोकायुक्त संगठन फिर से पड़ताल करेगा। सौरभ पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की काली कमाई से संपत्ति जुटाने का आरोप है। एक शिकायतकर्ता ने दुबई में एमआर ग्रुप से 150 करोड़ रुपये के विला की जानकारी दी थी। लोकायुक्त पुलिस अब एमआर ग्रुप को पत्र लिखकर संपत्ति खरीद संबंधी जानकारी मांगेगी। छापे के दौरान सौरभ के दुबई आने-जाने का पता चला था। लोकायुक्त सितंबर अंत तक उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी में है।
जबलपुर में सहायक ग्रेड-3 अधिकारी सुभाष शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त कार्रवाई में उनकी अनुपातहीन संपत्ति का आंकड़ा बढ़कर 8 करोड़ रुपये से अधिक होने के संकेत मिले हैं। उनके आंबेडकर नगर स्थित आवास से 500 ग्राम सोना, सवा किलो चांदी और महंगी वस्तुएं बरामद हुई हैं। लोकायुक्त ने शर्मा और उनकी पत्नी के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें जमीन, मकान, दुकान और प्लाट में बड़े पैमाने पर निवेश का खुलासा हुआ। पाटन के लोहारी गांव में एक फार्म हाउस पर बारात घर बनाने की तैयारी भी मिली है। जांच में स्वजन के नाम पर निवेश और छह बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई है।
मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के भ्रष्टाचार मामले में लोकायुक्त संगठन ने विवेचना पूरी कर ली है। 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जुटाने के आरोप में सौरभ के अतिरिक्त 15 से अधिक लोगों को आरोपित बनाया जाएगा, जिनमें उसकी पत्नी, मां और दोस्त शामिल हैं। सितंबर में आरोप पत्र प्रस्तुत होने की संभावना है। मामले में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद सहित करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई है।