भारतीय खुफिया एजेंसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने वाले डीपफेक वीडियो में अचानक वृद्धि का दावा किया है। एजेंसियों के अनुसार, ये वीडियो युवाओं, खासकर छात्रों को दोबारा विरोध-प्रदर्शन के लिए उकसाने और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के उद्देश्य से कथित तौर पर पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया हैंडल द्वारा प्रसारित किए जा रहे हैं। इन वीडियो में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री हालिया छात्र प्रदर्शनों में शामिल युवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं, जबकि सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।