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2026-10-17

सतना के थरपहाड़ गांव में सड़क बदहाली, मरीज को कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ा अस्पताल

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, सतना।

सतना जिले के मझगवां विकासखण्ड अंतर्गत चित्रकूट नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 13 में स्थित थरपहाड़ गांव में सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। गांव तक समुचित सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है।

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मरीज को कंधे पर ले जाने की मजबूरी

शुक्रवार को 28 वर्षीय गोरे सिंह पुत्र बब्बू सिंह और उनके परिवार को इस समस्या का खामियाजा भुगतना पड़ा। उल्टी-दस्त के कारण गोरे सिंह की हालत बिगड़ने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें झोली में बांधकर कंधे पर मुख्य मार्ग तक पहुंचाया।

मुख्य मार्ग तक पहुंचने के बाद गोरे सिंह को अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार और दवा के बाद उन्हें वापस गांव लाने के लिए भी कंधे का ही सहारा लेना पड़ा।

ग्रामीणों की रोजमर्रा की समस्या

यह घटना थरपहाड़ के ग्रामीणों की दैनिक समस्या को दर्शाती है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में किसी गंभीर मरीज, बुजुर्ग या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ने पर सबसे पहले सड़क की समस्या सामने आती है। वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते, जिसके कारण लोगों को मरीज को उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है।

बारिश में बढ़ती है परेशानी

बारिश के दौरान गांव की यह समस्या और गंभीर हो जाती है। रास्ते में कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में बीमार व्यक्ति को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण आपात स्थिति में उपचार मिलने में देरी का खतरा बना रहता है।

सड़क निर्माण के दावों पर सवाल

ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से सड़क निर्माण के लिए टेंडर होने और जल्द काम शुरू होने की बात कही जा रही है। हालांकि, मौके पर अब तक कोई ठोस काम शुरू नहीं हुआ है। न तो निर्माण एजेंसी का काम दिख रहा है और न ही सड़क निर्माण से संबंधित कोई गतिविधि।

वर्षों से आश्वासन की प्रतीक्षा

नगर परिषद और प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क की स्थिति पर सवाल किए जाने पर कभी भोपाल स्तर पर स्वीकृति लंबित होने की बात कही जाती है तो कभी प्रक्रिया पूरी होने का आश्वासन दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से केवल आश्वासन सुन रहे हैं और अब उन्हें केवल सड़क चाहिए।