सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस ज्यादती पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और केवल प्रदर्शन होने भर से पुलिस लाठीचार्ज को सही नहीं ठहराया जा सकता। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी दोनों का जीवन महत्वपूर्ण है और पूरे देश में प्रदर्शन के लिए एक समान प्रोटोकॉल होना चाहिए। कोर्ट ने सभी संबंधित याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करने का फैसला किया है।