नरसिंहपुर से रेस्क्यू कर ‘स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ’ में लाई गई एक मादा तेंदुए के उपचार पर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि तीन महीने के इलाज के दौरान उसके 16 दांत टूट गए, जिससे वह शिकार करने और भोजन करने में असमर्थ है। एडवोकेट डॉ. दीपा कुलश्रेष्ठ ने कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें संस्थान की मान्यता और इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। वेटरनरी विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की है।