उच्च न्यायालय ने निश्शुल्क विधिक सहायता के तहत अधिवक्ता नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति अवनीन्द्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने हाई कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी, जबलपुर की सचिव से दो दिन के भीतर व्यक्तिगत हलफनामे के साथ जवाब मांगा है। यह तथ्य रायसेन निवासी सुजीत धाकड़ की आपराधिक अपील की सुनवाई के दौरान सामने आया, जहां निजी अधिवक्ता के सक्रिय होने के बावजूद लीगल एड के तहत दूसरा वकालतनामा जारी किया गया था। कोर्ट ने अपीलकर्ता की पात्रता और आवेदन पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।