अनुच्छेद 370 और 35(ए) हटने के सात साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में व्यापक बदलाव तथा विकास के नए दौर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और खेल जैसे क्षेत्रों में नए अवसर बढ़े हैं। पीएम मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार होते बताया और वंचित समुदायों के सशक्तिकरण पर जोर दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसे भारत की एकता और संप्रभुता के इतिहास का स्वर्णिम दिवस बताते हुए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आभार व्यक्त किया।
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने नई दिल्ली के जंतर मंतर पर 26 दिनों से जारी सोनम वांगचुक के अनशन को समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने वांगचुक को अनशन तोड़ने के लिए मनाया, जिससे सरकार के साथ बातचीत का रास्ता खुला और छात्रों को आपराधिक कार्रवाई से बचाया जा सका। तन्खा ने इससे पूर्व 2022 में कश्मीरी पंडितों के अधिकारों के लिए एक निजी विधेयक पेश किया था। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर भी उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा, अपनी पार्टी की लाइन से हटकर भी जनहित को प्राथमिकता दी।