स्वतंत्रता दिवस से पूर्व ग्वालियर पुलिस ने रविवार-सोमवार की रात को एक व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। एसएसपी धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने 190 बदमाशों को गिरफ्तार किया, जिसमें 92 स्थायी और 98 गिरफ्तारी वारंटी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, 252 दर्ज गुंडों और हिस्ट्रीशीटरों के घरों पर पहुंचकर उनकी गतिविधियों की जांच की गई। पुलिस ने सड़कों पर घूम रहे युवकों से पूछताछ की और उनके परिजनों को सूचित किया। संवेदनशील क्षेत्रों, होटलों और धर्मशालाओं की भी जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी रहेगा।
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद ‘लव जिहाद’ के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है और बल या कपट से सहमति प्राप्त करने पर पांच साल की सजा का प्रावधान है। यह कदम 2021 के धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की कम प्रभावशीलता के बाद उठाया गया है, जिसके तहत संगठित गिरोहों के खुलासे भी हुए थे।
मध्यप्रदेश सरकार पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई भर्तियां और नियमित पदोन्नति की व्यवस्था लागू करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि 8 साल बाद सब-इंस्पेक्टर की भर्ती शुरू होगी और हर साल पदोन्नतियां होंगी। उन्होंने बताया कि सरकार पुलिस को आधुनिक, सक्षम और प्रभावी बनाकर अपराधों पर नियंत्रण करेगी, साथ ही नशे के खिलाफ अभियान को भी तेज किया जाएगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सुधरी है और अब विकास पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता को कानून का स्वरूप देने की दिशा में भी सरकार के आगे बढ़ने का उल्लेख किया।