कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 15 अगस्त से गांवों के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए एक देशव्यापी अभियान की घोषणा की है। उन्होंने नागरिकों, अभिभावकों और गांव के नेताओं से बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने की अपील की। अभियान के तहत अभिभावकों को स्कूलों में बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं की जांच करनी होगी। CJP ने ‘सरपंच चैलेंज’ भी शुरू किया है, जिसके तहत स्कूलों में सुधार करने वाले सरपंचों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। दीपके ने कहा कि ग्रामीण बच्चों को भी शहरों के बच्चों जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए, क्योंकि अच्छी शिक्षा उनका मौलिक अधिकार है।
सीजेपी संयोजक अभिजीत दीपके ने अपने घर की सुरक्षा में तैनात पुलिस उप-निरीक्षक (पीएसआई) पर लोगों से कथित तौर पर रूखा व्यवहार करने और उन्हें उनसे मिलने से रोकने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में, दीपके पीएसआई को फटकारते और उसे हटाने की मांग करते दिख रहे हैं। दीपके ने अपने आवास के आसपास सादे कपड़ों में सीआईडी कर्मियों की मौजूदगी और ‘हिट स्प्रे’ नामक व्हाट्सऐप ग्रुप में रिपोर्ट भेजे जाने का भी दावा किया है। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संगठन राजनीतिक दल के रूप में नहीं, बल्कि जन दबाव समूह के तौर पर कार्य करेगा। संस्थापक अभिजीत दीपके ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में घटते जनविश्वास को बहाल करने के लिए जनआंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया। दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन की सफलता के बाद, दो दिवसीय बैठक में देशभर के युवाओं के मुद्दों पर अगली रणनीति पर चर्चा हुई। संगठन का अगला फोकस छात्रों के मुद्दों के साथ-साथ इथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल का विरोध हो सकता है। सीजेपी बृहस्पतिवार को अपनी अगली रणनीति का खुलासा करेगा।
आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार, चुनाव आयोग और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड से शिकायतें की हैं। तिवारी ने दीपके के पिता की आय से अधिक संपत्ति, सीजेपी द्वारा बिना पंजीकरण चंदा जुटाने और कपिल सिब्बल से प्राप्त 1 करोड़ रुपये के फंड की जांच की मांग की है। उन्होंने NEET आंदोलन के दौरान की गई कथित अभद्र टिप्पणियों का भी जिक्र किया। दीपके और सीजेपी ने NEET पेपर लीक मामले में छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया है, लेकिन अब कानूनी और वित्तीय विवादों में घिर गए हैं।
अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के इस्तीफे पर सवाल उठाया। उन्होंने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का एक वीडियो साझा किया, जिन्होंने सरकार के खिलाफ न झुकने पर इस्तीफे की बात कही थी। बैंस से पंजाब में फार्मेसी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और पिछले पेपर लीक मामलों को लेकर इस्तीफे की मांग की जा रही है। बैंस ने कहा कि यदि उनके पद छोड़ने से शिक्षा व्यवस्था बेहतर होती है तो वह तुरंत इस्तीफा देने को तैयार हैं। रणवीर शौरी और तारा देशपांडे जैसे अन्य सेलेब्स ने भी प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी।
सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना 25वें दिन का अनशन समाप्त करने की अपील की है, उनके स्वास्थ्य को देखते हुए। दीपके ने स्पष्ट किया कि अनशन खत्म होने के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटा जाएगा। उन्होंने आंदोलन के शांतिपूर्ण रहने का भरोसा दिया। इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई है।