पूर्व पुलिस महानिदेशक पवन जैन ने भोपाल की कानून व्यवस्था और शहरी ढांचे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में अरेरा कॉलोनी में रिटायर्ड डीजी की कार टक्कर मामले में तीन माह बाद भी आरोपितों पर कार्रवाई न होने का जिक्र किया। जैन ने भोपाल के पॉश इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाया, जिसमें एटीएस आईजी का मोबाइल छीनने और विधायक के घर चोरी जैसी घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने 35 साल पहले के ‘हरे-भरे’ भोपाल को अब कचरे और प्रदूषण का ढेर बताया, जहां बुजुर्ग और बच्चे शाम को असुरक्षित महसूस करते हैं। पूर्व डीजी ने प्रशासन की बेपरवाही पर भी सवाल उठाए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोपाल में 60 से 80 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं। इन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई न होने पर अदालत की अवमानना होगी, जबकि इन्हें बंद करने से लगभग 5 लाख लोगों का रोजगार संकट में आ सकता है। राज्य सरकार नए मास्टर प्लान में व्यावहारिक समाधान तलाश रही है। भोपाल का मास्टर प्लान 2005 में समाप्त हो गया था, जिससे शहर की व्यावसायिक जरूरतें अनियोजित रूप से बढ़ीं। नए प्लान में प्रमुख सड़कों पर नियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति और आवासीय क्षेत्रों का मूल स्वरूप बनाए रखने पर विचार हो रहा है।
भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने सर्वे शुरू कर दिया है। 15 सितंबर तक ऐसे 1 लाख मकानों की पहचान की जाएगी, जहां आवासीय परिसर में कारोबार हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय द्वारा दुकान संचालकों को दी गई सभी अंतरिम राहत रद्द कर दी है और राज्य सरकार को कानून का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। अरेरा कॉलोनी के रहवासियों ने मॉल, चाय बार और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से हो रही परेशानी बताई है। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने मौलिक अधिकारों के हनन का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
राजधानी भोपाल में आवासीय अनुमति पर व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के मामले में नगर निगम ने 800 से अधिक व्यापारियों को नोटिस थमाए हैं। इनमें से अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के 429 प्रतिष्ठानों पर 30 जुलाई को सीलिंग का खतरा है, जिनकी मोहलत समाप्त हो रही है। इस मुद्दे पर 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसके लिए राज्य सरकार तैयारी कर रही है, वहीं प्रभावित रहवासी आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। अरेरा कॉलोनी के रहवासी पिछले दो साल से इस समस्या से जूझ रहे हैं, जहां डेढ़-दो दशकों से आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं।
भोपाल में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने विदेशी शराब की अवैध सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में मुख्य सरगना पति-पत्नी राहुल उर्फ रवि यादव और प्रीति यादव सहित चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया। टीम ने 552.75 लीटर बिना लेबल वाली अवैध विदेशी शराब, एक थार सहित चार लग्जरी कारें और एक स्कूटी जब्त की, जिनकी कुल कीमत 60 लाख रुपये से अधिक है। यह गिरोह अरेरा कॉलोनी और चार इमली जैसे पॉश इलाकों की हाई-प्रोफाइल पार्टियों में शराब सप्लाई करता था। शराब आगरा और ग्वालियर के रास्ते लाई जाती थी।