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बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बना, 15 अगस्त से मध्य प्रदेश में फिर होगी तेज वर्षा

मध्य प्रदेश में तीन मौसम प्रणालियों के कारण अधिकांश जिलों में वर्षा जारी है। बुधवार को वर्षा में थोड़ी कमी देखी गई, हालांकि सीहोर में सर्वाधिक 43 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए श्योपुर और शिवपुरी में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। लगातार वर्षा से दिन के तापमान में गिरावट आई है। इस बीच, बुधवार को बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन गया है, जिसका प्रभाव 15 अगस्त से राज्य में दिखेगा और तेज वर्षा का नया दौर शुरू होगा।

देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश का अनुमान, कई राज्यों में बाढ़ का खतरा

देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, जिसमें पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ जिलों में अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा भी बताया गया है। स्पाइसजेट ने मुंबई में खराब मौसम के कारण उड़ानों के प्रभावित होने की सूचना दी है। समुद्री इलाकों में भी खराब मौसम का अनुमान है।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जिलों में जलभराव; भोपाल-आगर-मालवा में स्कूल बंद

मध्य प्रदेश में पिछले दो दिनों से सक्रिय मानसून के कारण भारी बारिश हुई है, जिससे राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में जलभराव और आवागमन प्रभावित हुआ है। भोपाल और आगर-मालवा में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने नीमच सहित दस जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ा है, जिससे कई डैम के गेट खोलने पड़े हैं। हालांकि, प्रदेश में अब तक सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

19 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और 90 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट

12 अगस्त को देश के 19 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और 90 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के लिए चेतावनी दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पूर्वी राज्यों में आकाशीय बिजली का खतरा है। चक्रवाती परिसंचरण और कम दबाव का क्षेत्र मौसम में सक्रियता का कारण हैं। लोगों, यात्रियों, किसानों और मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश में तीन दिनों से वर्षा जारी, पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नर्मदा नदी का जलस्तर 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया है, और प्रदेश में 527 बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित निकाला गया है। भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है, जबकि इंदौर संभाग के पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, हालांकि 45 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय, 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, जिससे पूर्वी और मध्य क्षेत्र के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज की गई है। डिंडौरी के बजाग में सर्वाधिक 150 मिमी वर्षा हुई, जिससे नर्मदा और उसकी सहायक नदियां उफान पर आ गईं। मौसम विभाग ने 10 अगस्त के लिए रायसेन, नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी सहित 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विदिशा के पठारी क्षेत्र में 98 मिमी वर्षा से रेहटी और बघर्रू नदियां भी उफान पर हैं, जिससे कई मार्ग बाधित हुए हैं।

15 राज्यों में भारी बारिश का यलो अलर्ट, दिल्ली-एनसीआर में जलभराव से लंबा जाम

मौसम विभाग ने 15 राज्यों में भारी बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार मानसूनी बारिश से जलभराव और लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया। बृहस्पतिवार को दिल्ली में 56 मिमी बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान में 5 डिग्री की गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। गुरुग्राम में 117 मिमी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के कारण 250 से अधिक सड़कें बंद हो गईं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर, रीवा और सतना जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट

मध्य प्रदेश के उत्तरी इलाकों में शुक्रवार को कई जिलों में झमाझम वर्षा हुई, जिसमें नरसिंहपुर में सर्वाधिक 39 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को ग्वालियर, रीवा और सतना जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वहीं, प्रदेश के बाकी हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश और झारखंड पर ऊपरी हवा का घेरा तथा मानसूनी द्रोणिका की सक्रियता के कारण राज्य में मानसूनी गतिविधियां निरंतर जारी हैं, जिससे दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया।

मध्य प्रदेश में 20% कम बारिश दर्ज, 49 जिलों में सामान्य से नीचे आंकड़ा

मध्य प्रदेश में मानसून की कमजोर रफ्तार के कारण बारिश सामान्य से 20 प्रतिशत कम दर्ज की गई है, जिससे प्रदेश के 49 जिलों में सामान्य से नीचे आंकड़ा बना हुआ है। अब तक औसतन 16.8 इंच बारिश हुई है, जबकि 21 इंच होनी चाहिए थी। शनिवार को पन्ना, सतना और रीवा में तेज बारिश का अलर्ट है, जबकि शेष प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में विशेष रूप से 23 प्रतिशत तक की कमी देखी गई है। जून और जुलाई दोनों में मानसून का प्रदर्शन कमजोर रहा है।

देश के कई हिस्सों में शनिवार को भारी बारिश की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। लोगों को जलभराव और बाढ़ वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तरी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी तेज बारिश की उम्मीद है। पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में भी व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं और यातायात बाधित हुआ।