भोपाल में देर रात से जारी तेज बारिश के कारण शिवनगर कॉलोनी सहित कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। भोपाल-बैरसिया मार्ग समेत कई प्रमुख रास्ते बंद कर दिए गए। कलेक्टर के निर्देश पर नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, हालांकि शिक्षकों को स्कूल पहुंचना होगा। मंत्री विश्वास सारंग ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत सामग्री पहुंचाने और नाले-नालियों की सफाई के निर्देश दिए। जलभराव ने शहर की निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
भोपाल जिले में लगातार वर्षा, जलभराव और मार्ग अवरुद्ध होने के कारण भोपाल कलेक्टर के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 12 अगस्त को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। यह आदेश नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी शासकीय, निजी, एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा। शिक्षक और कर्मचारी विद्यालयीन समय में उपस्थित रहेंगे और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा सकेंगी। अधिकारियों को जोखिमपूर्ण मार्गों वाले विद्यालयों को चिह्नित करने और छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
जबलपुर में 10 अगस्त, सोमवार को संस्कार कांवड़ यात्रा और गुप्तेश्वर शाही सवारी यात्रा के मद्देनजर शहर के स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश कलेक्टर जबलपुर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। नगर पालिक निगम क्षेत्र में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय मान्यता प्राप्त, सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों पर यह अवकाश लागू होगा। सुबह 7 बजे ग्वारीघाट स्थित सिद्धघाट से प्रारंभ होकर यात्रा मटामर स्थित कैलाशधाम भगवान नर्मदेश्वर भोलेनाथ मंदिर पहुंचेगी।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में आदिवासी विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने कमल नाथ सरकार के दौरान अवकाश और 89 विकासखंडों में कार्यक्रम के लिए बजट के प्रावधान का हवाला दिया। इसके अतिरिक्त, विद्यालयों और शासकीय संस्थानों में आदिवासी इतिहास पर आधारित कार्यक्रम तथा आदिवासी योगदानकर्ताओं को सम्मानित करने की भी मांग की गई है।