इंदौर में शुक्रवार को मध्यम वर्षा का पूर्वानुमान है, जबकि धार, झाबुआ, अलीराजपुर और रतलाम जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वर्तमान में विदर्भ से गुजरात की ओर बढ़ रहा एक अवदाब क्षेत्र इस मौसमी बदलाव का कारण है। इस मानसून सीजन में इंदौर के एयरपोर्ट वेदर स्टेशन पर अब तक 365.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो औसत से 69.4 मिमी कम है। गुरुवार को शहर में उमस के साथ आंशिक वर्षा हुई, जबकि रीगल क्षेत्र में 7 मिमी वर्षा दर्ज हुई। अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक रहे।
इंदौर में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे और कुछ हिस्सों में तेज बौछारें पड़ीं, एयरपोर्ट क्षेत्र में 1.3 मिमी वर्षा दर्ज हुई। इस मानसून सत्र में अब तक 365.6 मिमी वर्षा हो चुकी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, उत्तरी छत्तीसगढ़ पर अवदाब का क्षेत्र बना है, जो अगले 24 घंटे में छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश पर भी चक्रवाती हवाओं का घेरा है। इन प्रणालियों से पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश में अच्छी वर्षा की संभावना है। गुरुवार को इंदौर में मध्यम और धार, झाबुआ, देवास, बुरहानपुर में भारी वर्षा का अनुमान है।
मध्य प्रदेश में बुधवार को अधिकांश जिलों में झमाझम वर्षा हुई, जिसमें दतिया में सर्वाधिक 34 मिमी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने हरदा, देवास, नर्मदापुरम, बुरहानपुर और धार जिलों के लिए भारी से अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भोपाल, विदिशा सहित 47 अन्य जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा का येलो अलर्ट है, जिससे कुल 52 जिलों में अलर्ट प्रभावी है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा पर बने गहरे अवदाब तथा मानसून द्रोणिका, शियर जोन और पश्चिमी विक्षोभ जैसी कई मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण अगले चार दिनों तक प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है।