मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को नोटिस जारी कर वनकर्मियों को हथियार चलाने का अधिकार न दिए जाने का कारण पूछा है। कोर्ट ने वन अधिकारियों को मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) न मिलने पर भी जवाब मांगा। यह मुद्दा वन क्षेत्रों में शिकारियों, अतिक्रमणकारियों और शरारती तत्वों पर लगाम कसने से संबंधित है। हाई कोर्ट ने धार जिले में बाओबाब पेड़ों की अवैध कटाई पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य जैव विविधता बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है। अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित है।
भोपाल के राताताल के रोजीवे गांव में 15 एकड़ जमीन के समतलीकरण की अनुमति लेकर 150 डंपर कोपरा निकालने के मामले की जांच पर सवाल उठे हैं। खनिज इंस्पेक्टर सुचि माथुर की रिपोर्ट से खनिज माफिया शेखर पवार और शैलेंद्र भदौरिया के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि जमीन मालिक किसान हरिचरण पर 40 लाख 40 हजार रुपये की रॉयल्टी पेनल्टी लगाई गई है। खदान से दो पोकलेन मशीनें जब्त की गईं, लेकिन 12 डंपर छोड़ दिए गए। जिला खनिज अधिकारी ने डंपरों को छोड़ने की जानकारी न होने की बात कही। कलेक्टर ने खनिज अधिकारियों का बचाव करते हुए तीसरी जांच के लिए लिखित आदेश की शर्त रखी।