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बिलौआ की प्रतिबंधित खदानों पर कड़ा सुरक्षा घेरा, कलेक्टर-एसएसपी ने संभाला मोर्चा

ग्वालियर के बिलौआ खनन क्षेत्र में उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रतिबंधित खदानों की निगरानी के लिए कड़ा सुरक्षा घेरा स्थापित किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने रविवार को क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को अवैध उत्खनन और परिवहन रोकने के सख्त निर्देश दिए। आठ चेकिंग प्वाइंट और जांच दल तैनात किए गए हैं, जिनमें खनन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हैं। मामले की सुनवाई सोमवार को उच्च न्यायालय में होनी है, जिसने पहले ड्रोन सर्वे का आदेश दिया था। प्रशासन की सख्ती से यातायात और माल परिवहन में कमी आई है।

अवैध खनन पर ग्वालियर हाई कोर्ट सख्त: ट्रक नंबर प्लेट बदलने पर सरकार से मांगा जवाब

ग्वालियर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने डबरा में अवैध खनन और खनिज परिवहन के मामले में सरकार द्वारा अपनाए जा रहे उपायों पर सवाल उठाए। न्यायालय ने सीसीटीवी निगरानी और ट्रक नंबर प्लेट बदलने की स्थिति में पहचान पर संतोषजनक जवाब न मिलने पर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने सुझाव दिया कि ट्रकों की बॉडी और कांच पर बड़े अक्षरों में नंबर अंकित किए जाएं। पिछली सुनवाई में अशोक सिंह यादव की खदानों में खनन गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी और रिकॉर्ड छिपाने पर सवाल उठे थे। अगली सुनवाई मंगलवार को होगी, जिसमें कलेक्टर को उपस्थित रहना होगा और ड्रोन फुटेज की समीक्षा की जाएगी।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अवैध खनन मामले में माइनिंग अधिकारी की जांच के दिए आदेश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अवैध खनन और परिवहन से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रभारी माइनिंग अधिकारी पंकज मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कलेक्टर रुचिका चौहान से भी पूछताछ की, जिन्होंने पहले मिश्रा के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त को पूर्व और वर्तमान माइनिंग अधिकारियों के खिलाफ जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कलेक्टर को 30 सितंबर तक सभी खदानों का पूरा रिकॉर्ड और अवैध परिवहन रोकने के उपायों का ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया।

कलेक्टर-एसएसपी ने बिलौआ की प्रतिबंधित खदानों का निरीक्षण किया, निगरानी के लिए 8 चेकिंग पॉइंट और विशेष जांच दल तैनात

कलेक्टर रुचिका चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने हाईकोर्ट के प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए डबरा अनुभाग के बिलौआ क्षेत्र में प्रतिबंधित खदानों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को अवैध उत्खनन और खनिज परिवहन रोकने के लिए कड़ाई से निर्देश दिए। एसएसपी ने 8 चेकिंग पॉइंट स्थापित किए हैं, जबकि जिला प्रशासन ने 24 घंटे निगरानी के लिए विशेष जांच दल (फ्लाइंग स्क्वाड) गठित किए हैं। कलेक्टर ने निगरानी में किसी भी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

डबरा अवैध खनन: हाई कोर्ट ने सहायक खनिज अधिकारी को निलंबित किया, कलेक्टर से अक्षमता पर मांगा जवाब

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने डबरा में अवैध खनन मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सहायक खनिज अधिकारी घनश्याम यादव को निलंबित करने का आदेश दिया, उन पर अवैध खननकर्ताओं की सक्रिय मदद करने का आरोप लगाया। खंडपीठ ने स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणियां कीं, यहां तक कि कलेक्टर ग्वालियर से उनकी अक्षमता पर जवाब मांगा। एसडीओ जूही गर्ग को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है, और अब कलेक्टर को ही सभी हलफनामे दाखिल करने होंगे। कोर्ट ने खनन क्षेत्र की ड्रोन वीडियोग्राफी और शुक्रवार तक हलफनामा प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है।

अवैध खनन: MP हाईकोर्ट ने अशोक सिंह यादव की तीसरी खदान एक सप्ताह के लिए बंद की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने डबरा क्षेत्र में अवैध खनन के एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए खनन कारोबारी अशोक सिंह यादव की जाफरपुर स्थित तीसरी खदान को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया है। अदालत ने इस अवधि में ब्लास्टिंग, खनन और पहले से निकाले गए खनिज के परिवहन पर रोक लगाई है। हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड प्रस्तुति पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि मूल रिकॉर्ड छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी, जिसमें अवैध खनन पर नियंत्रण के कदमों पर विचार किया जाएगा। अदालत ने कलेक्टर को तत्काल ड्रोन वीडियोग्राफी कराने के निर्देश भी दिए।

बिलौआ अवैध खनन: हाई कोर्ट ने माइनिंग अफसर से मांगा 2 माह का रिकॉर्ड, गलत जानकारी पर जेल की चेतावनी

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बिलौआ अवैध खनन मामले में सुनवाई करते हुए माइनिंग विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने प्रभारी माइनिंग अधिकारी घनश्याम यादव को अशोक सिंह यादव की तीनों खदानों का पिछले दो माह का उत्पादन रिकॉर्ड शपथ-पत्र सहित पेश करने का निर्देश दिया। चेतावनी दी गई कि जानकारी छिपाने या गलत तथ्य प्रस्तुत करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अवमानना, भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। अगली सुनवाई 6 अगस्त को निर्धारित की गई है। कोर्ट ने ग्वालियर कलेक्टर को भी अवैध मार्गों से खनिज परिवहन पर निगरानी की पूरी जिम्मेदारी दी है।

भोपाल के अकबरपुर बाघ भ्रमण क्षेत्र में अवैध खुदाई पर NGT सख्त

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की भोपाल सेंट्रल जोन बेंच ने कोलार रोड स्थित अकबरपुर बाघ भ्रमण क्षेत्र में अवैध खुदाई, पहाड़ी कटान और पेड़ों की कटाई के मामले में सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने नवदुनिया में प्रकाशित एक समाचार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए और मध्यप्रदेश शासन, भोपाल कलेक्टर, नगर निगम, वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किए हैं। आरोप है कि सरकारी भूमि पर मशीनों से खुदाई कर पहाड़ी को समतल किया जा रहा था, जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। एक दो सदस्यीय समिति को छह सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

संजय पाठक को हाई कोर्ट से अवमानना मामले में राहत, बिना शर्त माफी स्वीकार

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक को आपराधिक अवमानना मामले में बड़ी राहत दी है, उनकी बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली गई है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने नौ पन्नों के फैसले में यह निर्णय सुनाया। अदालत ने राहत तो दी, लेकिन भविष्य में न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े मामलों में सीधे संपर्क या ऐसे प्रयासों से बचने की सख्त चेतावनी भी दी। यह मामला अवैध खनन से जुड़े एक विचाराधीन प्रकरण में न्यायाधीश से फोन पर संपर्क करने के कथित प्रयास से जुड़ा था।

अकबरपुर में अवैध उत्खनन: सर्वे क्रमांक तीन की भूमि के सीमांकन के निर्देश

भोपाल के कोलार इलाके में दानिश हिल्स व्यू कॉलोनी के रहवासियों द्वारा अकबरपुर की शासकीय भूमि पर अवैध उत्खनन और पहाड़ी कटाई के आरोपों के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सर्वे क्रमांक तीन की भूमि के सीमांकन के निर्देश दिए हैं। एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व, वन, खनिज सहित संबंधित विभागों की टीम गठित कर जांच और आगे की कार्रवाई की जा रही है। रहवासियों ने पेड़ों की कटाई और वन्यजीवों के आवास को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई थी।