ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। ये लोग लंबे समय से शहर के विभिन्न इलाकों में झुग्गी-झोपड़ियां बनाकर रह रहे थे। पुलिस को बिना वैध दस्तावेजों के इनके रहने की सूचना मिली थी, जिसके बाद सत्यापन कर छापेमारी की गई। हिरासत में लिए गए लोगों में पति-पत्नी और बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस उनसे पहचान पत्रों, भारत में प्रवेश और स्थानीय संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को शहर के तीन अलग-अलग स्थानों से तीन बच्चे और तीन महिलाओं सहित 13 संदिग्ध विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। ये लोग अपनी पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके और इनके बांग्लादेशी होने का संदेह है। पुलिस फिलहाल सभी संदिग्धों से उनकी नागरिकता, भारत में प्रवेश के तरीके और स्थानीय गतिविधियों के संबंध में पूछताछ कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों की स्थिति स्पष्ट होगी। प्रारंभिक जांच में ये लोग पहचान छिपाकर झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे थे।
सिलीगुड़ी में अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने सीजेपी आयोजकों, सौरभ दास और अभिजीत दिपके के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायत प्रस्तुत की है। यह मामला 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई एक घटना से संबंधित है। वहीं, ओडिशा के रायगढ़ा जिले में एक सरकारी आवासीय स्कूल के छात्रावास में 10वीं कक्षा के छात्रों पर 27 जूनियर छात्रों की पिटाई करने का आरोप लगा है, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है और जिला प्रशासन ने प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।