आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने एमवाय अस्पताल के बर्खास्त फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में छापा मारा। EOW टीम को उसकी वैध आय 1 करोड़ 11 लाख 31 हजार 383 रुपए की तुलना में 8 से 10 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली। इसमें लक्जरी टाउनशिप में प्लॉट भी शामिल हैं। राकेश गोरखे पर सरकारी दवाओं के स्टॉक में भ्रष्टाचार कर अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच में थाईलैंड यात्रा और विभाग को सूचित न की गई संपत्तियों का भी पता चला है।
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना स्थित नौ ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने छापामार कार्रवाई की। जांच में सेमिल के पास वैध आय से 258 प्रतिशत अधिक, लगभग सात करोड़ सोलह लाख रुपये से अधिक की संपत्ति और निवेश का खुलासा हुआ है। यह संपत्ति उनके 33 वर्ष के सेवाकाल में अर्जित शुद्ध वेतन दो करोड़ रुपये से काफी अधिक है। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसमें करोड़ों की अचल संपत्ति, फर्मों में निवेश और सोने-चांदी की बरामदगी शामिल है।