अशोकनगर में बीजेपी मंडल अध्यक्ष प्रांजल जैन की मां अनंत देवी जैन से करीब सात लाख रुपये के सोने के आभूषण और नगदी की ठगी हुई है। शनिवार सुबह मंदिर से लौटते समय दो अज्ञात युवकों ने उन्हें ‘बेटे पर संकट’ का डर दिखाकर बातों में उलझाया। ठगों ने पूजा के बहाने महिला को स्टेशन रोड ले जाकर आभूषण उतरवा लिए और 51 कदम आगे-पीछे जाने की बात कहकर फरार हो गए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है, हालांकि घर के बाहर के कैमरे बंद मिले।
ग्वालियर लोकायुक्त टीम ने अशोकनगर में विद्युत विभाग के लाइनमैन बाबूराम पटेल को ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। यह कार्रवाई आटा चक्की के लिए विद्युत कनेक्शन हेतु ₹10,000 की रिश्वत मांगने की शिकायत पर की गई। शिकायतकर्ता श्रीराम बैरागी की सूचना पर लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार को यह कार्रवाई की, जिसका नेतृत्व निरीक्षक उपेंद्र दुबे ने किया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई जारी है, और रिश्वत की राशि जब्त कर ली गई है।
पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलाकिंग कार्य के चलते भोपाल मंडल के अशोकनगर-गुना मार्ग से चलने वाली भागलपुर-अजमेर हमसफर एक्सप्रेस के कुछ फेरे निरस्त कर दिए गए हैं। गाड़ी संख्या 13423 भागलपुर से 24 सितंबर और 1 अक्टूबर 2026 को, जबकि गाड़ी संख्या 13424 अजमेर से 26 सितंबर और 3 अक्टूबर 2026 को नहीं चलेगी। यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए अद्यतन स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अशोकनगर कलेक्टर को लगभग तीन वर्ष से निलंबित एक शासकीय कर्मचारी, बृजेंद्र सिंह यादव, के निलंबन की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने राज्य शासन के 28 जनवरी 2013 के परिपत्र का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक छह माह में निलंबन की समीक्षा आवश्यक है। याचिकाकर्ता को 5 अगस्त 2021 को आपराधिक मामले के कारण निलंबित किया गया था। राज्य शासन ने फर्जी प्रमाणपत्रों से नौकरी पाने के आरोप को गंभीर बताया, जबकि हाई कोर्ट ने कहा कि निलंबन प्रशासनिक निर्णय है, पर इसका समय-समय पर पुनर्विचार आवश्यक है।
अशोकनगर जिले में 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों को वरिष्ठ वेतनमान का लाभ देने हेतु जारी सूची विवादों में घिर गई है। शिक्षकों का आरोप है कि चार माह की देरी से जारी इस सूची में कई पात्र शिक्षकों के नाम शामिल नहीं हैं, जबकि वर्षों पहले सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के नाम दर्ज हैं। अनु, बहादुरपुर, ईसागढ़, शाढौरा, मुंगावली जैसे संकुलों से पात्र शिक्षक गायब हैं। शिक्षकों ने विभागीय लापरवाही और अधिकारियों द्वारा सूची के उचित परीक्षण न करने का आरोप लगाया है। वे जिला शिक्षा अधिकारी से सूची का पुनः परीक्षण कर संशोधित सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं।