असम में इस वर्ष आई भीषण बाढ़ ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिससे राज्य के 25 जिलों के 1800 से अधिक गांवों में नौ लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ और संबंधित घटनाओं में अब तक 41 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों मवेशी बह गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया और नुकसान का आकलन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम भेजने का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार ने 148 से अधिक राहत शिविर स्थापित किए हैं, जिनमें लगभग 30 हजार विस्थापित लोग रह रहे हैं।
देशभर में बारिश का कहर जारी है, जिसके कारण बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन से कई लोगों की जान गई है। असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है और 11 जिलों में 65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। महाराष्ट्र के पालघर और ठाणे जिलों में भी भारी बारिश से जलभराव और यातायात बाधित हुआ है, जबकि गुजरात के वलसाड, सूरत और अहमदाबाद में भी स्थिति गंभीर है। मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है।