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असम-अरुणाचल सीमा पर गोलीबारी, 12 घायल

असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर सोमवार को भूमि अतिक्रमण के विवाद में गोलीबारी हुई, जिसमें असम के कम से कम 12 लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह घटना गोगामुख राजस्व सर्किल के मिंगमांग बस्ती में हुई, जहां अरुणाचल प्रदेश के उपद्रवियों ने असम के निवासियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से चार गंभीर रूप से घायल लोगों को असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शिक्षा मंत्री रानोज पेगू को अरुणाचल प्रदेश सरकार से बातचीत के लिए भेजा है।

असम बाढ़: मृतकों की संख्या 100 पहुंची

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है। आपदा रिपोर्टिंग और सूचना प्रबंधन प्रणाली के अनुसार, मृतकों में 60 पुरुष, 23 महिलाएं और 18 बच्चे शामिल हैं। शिवसागर जिले में एक मौत के आंकड़े को संशोधित कर 49 कर दिया गया है। कछार में 22, शिवसागर में 49, करीमगंज में नौ और गोलाघाट में आठ लोगों की मौत हुई है। कृषि क्षेत्र और पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ है, जबकि छत्तीसगढ़ ने ₹5 करोड़ की वित्तीय सहायता की घोषणा की है।

असम में एएसआई की गोलीबारी: सीआरपीएफ जवान विष्णु बघेल और एसआई राम नवल सिंह यादव शहीद, आरोपी एएसआई ने की आत्महत्या

असम में सीआरपीएफ की 34वीं बटालियन में हुई गोलीबारी में बालाघाट के जवान विष्णु बघेल शहीद हो गए। मंगलवार सुबह एएसआई बलानी प्रेमावरम ने क्वार्टर गार्ड और बैरक में अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें एसआई राम नवल सिंह यादव भी शहीद हुए और एएसआई माने गोबिंद घायल हो गए। आरोपी एएसआई ने बाद में आत्महत्या कर ली। शहीद विष्णु बघेल (44) अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे, उनका पार्थिव शरीर बुधवार को बालाघाट स्थित पैतृक गांव लाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ असम के शिवसागर जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। नड्डा ने कहा कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और केंद्र असम के साथ खड़ा रहेगा। नजीरा की को-डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर प्रतिभा मेश्राम ने बताया कि 23 इलाके अभी भी प्रभावित हैं, 4-5 लोग लापता हैं और 26-27 मौतों की पुष्टि हुई है, हालांकि ये आंकड़े बदल सकते हैं।

संसदीय समिति: बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ अब भी गंभीर चिंता, संयुक्त तंत्र बनाने की सिफारिश

संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति ने बांग्लादेश से भारत में अवैध घुसपैठ को गंभीर चिंता का विषय बताया है। समिति ने संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की राष्ट्रीयता पुष्टि और प्रत्यावर्तन पर नियमित निगरानी के लिए भारत-बांग्लादेश के बीच एक संयुक्त कार्य समूह बनाने की सिफारिश की। वर्तमान में 2,369 मामलों का सत्यापन लंबित है। समिति ने चीनी सामान की घुसपैठ, मानवीय व्यवहार, वीजा सामान्यीकरण और सीमा सुरक्षा पर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि 864 किलोमीटर भारत-बांग्लादेश सीमा अभी भी बिना बाड़ के है, जिसका मुख्य कारण कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ हैं।

असम सरकार का नीट-यूजी प्रदर्शनों से जुड़े मामले वापस लेने का फैसला

असम सरकार ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों से जुड़े सभी आपराधिक मामले वापस लेने का बड़ा फैसला किया है। राज्य के गृह एवं राजनीतिक विभाग के आदेशानुसार, गिरफ्तार 13 लोगों की रिहाई की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। 26 जुलाई तक राज्य में ऐसे पांच मामले दर्ज किए गए थे। सरकार ने यह निर्णय विरोध प्रदर्शनों की परिस्थितियों की समीक्षा, जवाबदेही मजबूत करने और उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लिया है। इस मामले को अब बंद माना जाएगा।

असम के पुष्पधर शर्मा को भाषा सेवाश्री सम्मान

असम के प्रसिद्ध नेपाली साहित्यकार, लेखक और शिक्षाविद् पुष्पधर शर्मा को नेपाली भाषा और साहित्य में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भाषा सेवाश्री सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। कोलकाता की लैंनसिंह बांदेल साहित्य और कला प्रतिष्ठान ने इस वर्ष के सम्मान के लिए उनके नाम की घोषणा की है। यह सम्मान 23 अगस्त को कोलकाता में एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा। शर्मा ने इस सम्मान को गर्व का विषय बताया और कहा कि यह उनकी जिम्मेदारियों को और बढ़ाएगा, जिससे उन्हें नेपाली भाषा के लिए अधिक गंभीरता से काम करने की प्रेरणा मिलेगी।

सेना ने असम बाढ़ में ‘ऑपरेशन जल राहत’ के तहत 571 लोगों को बचाया

असम में लगातार मानसूनी बारिश से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण ऊपरी असम के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन जल राहत’ के तहत अब तक 571 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। यह अभियान 19 जुलाई से चौबीसों घंटे चल रहा है, जिसमें स्पीयर कोर असम सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है। सेना बचाव, चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध करा रही है। शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में तीन विशेष टीमें तैनात हैं। कुछ इलाकों में जलस्तर कम होने के बावजूद राहत कार्य जारी है।