सांची में भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों, सारिपुत्र और महामोग्गलान के पवित्र अस्थि कलशों के वर्षभर दर्शन कराने की तैयारी हो रही है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने महाबोधि सोसाइटी आफ श्रीलंका एंड सांची और रायसेन जिला प्रशासन को इस संबंध में प्रस्ताव दिया है। वर्तमान में इन अस्थि कलशों के दर्शन वर्ष में केवल दो दिन होते हैं। महाबोधि सोसाइटी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है, जबकि जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। ये अस्थि कलश 1952 से सांची के चेतियागिरी बौद्ध विहार में रखे हैं।