मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य को ड्रोन निर्माण, परीक्षण, अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। बुधवार को एक राउंड टेबल बैठक हुई, जिसमें ग्वालियर में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग एंड टेस्टिंग क्लस्टर और आइसर भोपाल में ड्रोन टेक्नोलाजी आधारित सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित करने पर चर्चा हुई। आइसर भोपाल के सेंटर के लिए ₹85.51 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मिली है, जो अनुसंधान और व्यावसायीकरण पर केंद्रित होगा। सरकार का लक्ष्य कुशल मानव संसाधन तैयार करना और रोजगार के अवसर पैदा करना भी है, जिसमें कई कंपनियों ने साझेदारी में रुचि दिखाई है।
भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) भोपाल और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के विज्ञानियों के एक एआई अध्ययन से खुलासा हुआ है कि भोपाल का बड़ा तालाब वर्ष 2050 के प्री-मानसून सीजन तक 40 से 60 प्रतिशत तक सिकुड़ सकता है। यह शोध रिमोट सेंसिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर 1980 से 2024 तक के आंकड़ों पर आधारित है। अध्ययन चेतावनी देता है कि वैश्विक तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि से तालाब का जलभराव क्षेत्र 40 प्रतिशत तक घट जाएगा, जिसका सबसे अधिक असर मई-जून में दिखेगा।