सुरक्षा बल अब नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में सर्च अभियान चला रहे हैं क्योंकि नक्सलियों ने हजारों आईईडी जमीन में दबा रखी हैं। ये आईईडी रिमोट कंट्रोल, प्रेशर और इंफ्रारेड जैसी तकनीकों से संचालित होती हैं और इनमें बैटरियां लगी होती हैं। बरसात में पानी भरने से छत्तीसगढ़ और झारखंड में इन बैटरियों ने काम करना बंद कर दिया है, जिससे आईईडी निष्क्रिय हो गई हैं। हालांकि, नक्सलवाद से मुक्त क्षेत्रों में भी ये विस्फोटक अभी भी सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। नक्सलियों ने पिछले दो वर्षों में आमने-सामने की लड़ाई से बचने के लिए इन्हें रास्तों पर लगाया था।