मध्य प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों ने भोपाल में अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में लगभग 1500 कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 17 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा और 26 अक्टूबर को दो लाख कर्मचारी भोपाल में मंत्रालय का घेराव करेंगे। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं।
मप्र विद्युत कर्मचारी संगठन ने भोपाल में आउटसोर्स कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष शिवनारायण राजपूत के नेतृत्व में हजारों कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समय मांगा और ज्ञापन सौंपा। उनकी प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारी का दर्जा, हरियाणा की तर्ज पर सेवा सुरक्षा नीति, ₹50 लाख का बीमा कवर, आश्रित को नौकरी और जोखिम भत्ते में वृद्धि शामिल हैं। कर्मचारियों ने बैठकों में मिले आश्वासनों के बावजूद मांगों का निराकरण न होने पर नाराजगी व्यक्त की और शीघ्र निर्णय न होने पर आंदोलन को व्यापक करने की चेतावनी दी।
राजधानी के हमीदिया अस्पताल में बुधवार को आउटसोर्स कर्मचारियों ने दो महीने से वेतन और एरियर न मिलने के कारण हड़ताल कर दी। सैकड़ों महिला-पुरुष कर्मचारियों के काम बंद करने से अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। शाम 4 बजे गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह, अस्पताल प्रबंधन और कंपनी मैनेजर ने कर्मचारियों को अगले दो दिनों में बकाया भुगतान का आश्वासन दिया, जिसके बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई।