बड़वानी के पाटी थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते तीर-कमान से जानलेवा हमला कर इस्मल की हत्या करने वाले आरोपित फैरंग्या उर्फ दादला को न्यायालय ने आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। यह घटना 13 नवंबर 2023 को हुई थी, जब इस्मल पर तीन तीर चलाए गए थे, जिससे गंभीर चोटें आईं और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने प्रारंभ में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था, जिसे बाद में हत्या की धारा में बदला गया।
नीमच में चर्चित काना भील हत्याकांड में विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार सक्सेना ने आरोपी छीतर गुर्जर को आजीवन कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में आठ अन्य आरोपियों को दोषमुक्त किया गया। यह घटना 26 अगस्त 2021 को नीमच-सिंगोली रोड पर हुई थी, जहां काना भील को टक्कर मारकर पीटा गया और बाद में पिकअप से घसीटा भी गया था, जिसके वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए थे। वहीं, मनासा तहसील के ग्राम मालाहेड़ा में घर में सो रहे सूरजमल बंजारा पर हमला कर कान से सोने की बाली खींच ली गई, जिससे वे गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।
जबलपुर हाई कोर्ट ने हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे राजेंद्र यादव और उनके बेटों सत्येंद्र व जितेंद्र यादव को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने अभियोजन की कहानी में कई महत्वपूर्ण विसंगतियां पाईं। एक बेटा जितेंद्र यादव वारदात के समय झांसी के अस्पताल में भर्ती था, फिर भी उसे करीब 10 साल छह महीने जेल में रहना पड़ा। हाई कोर्ट ने पाया कि अज्ञात आरोपियों पर आगे की जांच का उल्लेख नहीं था, गवाहों के बयानों में विरोधाभास थे, और कथित हथियार पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर को नहीं दिखाए गए थे।
इंदौर की जिला कोर्ट ने 6 साल पुराने दंपती अमित-सीमा (परिवर्तित नाम) हत्याकांड में मुख्य आरोपी धनंजय उर्फ शुभांशु यादव (25) को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। परिवार द्वारा प्रेम संबंध का विरोध करने पर धनंजय और बेटी ने हत्या की साजिश रची थी। आरोपी ने धारदार हथियारों से दंपती पर हमला किया और पुलिस को गुमराह करने के लिए बेटी के नाम से एक झूठा नोट छोड़ा। पोस्टमॉर्टम, डीएनए रिपोर्ट, बरामद हथियार और अन्य भौतिक साक्ष्य ने अभियोजन के मामले को मजबूत किया, जिसके आधार पर कोर्ट ने 6 अगस्त 2026 को आरोपी को दोषी ठहराया।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मां से दुष्कर्म के आरोप में लगभग दस साल से जेल में बंद एक व्यक्ति को बरी कर दिया है। ट्रायल कोर्ट ने 18 अगस्त 2017 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने बयानों में महत्वपूर्ण विसंगतियां, प्राथमिकी दर्ज करने में देरी, और महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने के आधार पर अभियोजन की कहानी पर संदेह व्यक्त किया। अदालत ने पाया कि अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा, जिसके बाद आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए सजा निरस्त कर दी गई।
इंदौर सेशन कोर्ट ने नाबालिग प्रेमिका के माता-पिता की हत्या के दोषी डीजे उर्फ धनंजय उर्फ शुभांषु यादव को दोहरा आजीवन कारावास और 33 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह वारदात 16 दिसंबर 2020 की रात को हुई थी, जब फरियादी ऋषभ शर्मा ने अपने माता-पिता नीलम शर्मा और ज्योतिप्रसाद शर्मा की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में नाबालिग बेटी की कॉपी में मिला नोट, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल पर मिली चिंगम के साक्ष्य महत्वपूर्ण रहे। धनंजय और नाबालिग बेटी दोनों ने अपराध स्वीकार किया था।
देवास जिले के उदयनगर थाना क्षेत्र में कक्षा छठी की एक छात्रा से दुष्कर्म के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश बागली ने 23 वर्षीय सतीश मौर्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक जेल में रहना होगा और 10,000 रुपये का अर्थदंड भी भरना होगा। पिछले साल हुई यह घटना तब सामने आई जब सतीश मौर्य ने गोबर की टोपली उठवाने के बहाने छात्रा को टापरी में ले जाकर दुष्कर्म किया। छात्रा के विरोध करने पर आरोपी ने उसका गला दबा दिया था, जिससे वह बेहोश हो गई थी। पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
इंदौर की सेशन कोर्ट ने पति जावेद मंसूरी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रूखसाना, प्रेमी सद्दाम हुसैन (35) और सहयोगी शाकिर खान (26) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। रूखसाना ने प्रेमी और एक अन्य के साथ मिलकर पति की हत्या करने के बाद उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच और परिजनों के संदेह के बाद हत्याकांड का खुलासा हुआ। तीनों आरोपितों को 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
नरसिंहपुर में विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार लढ़िया की अदालत ने एक दलित अधेड़ सुखलाल मेहरा की हत्या और जातिगत अत्याचार के मामले में त्वरित न्याय सुनाया है। अदालत ने एक ही परिवार के पांच आरोपितों – कमलेश प्रजापति, अन्नीलाल प्रजापति, अखिलेश प्रजापति, छोटू उर्फ उमेश और सविता बाई को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। यह घटना 14 मार्च 2025 को गोटेगांव के ग्राम उमरिया में भूसा छोड़ने के मामूली विवाद और जातिगत विद्वेष के कारण हुई थी। आरोपितों ने सुखलाल को लाठी और लात-घूसों से बेरहमी से पीटा था, जिससे उनकी मौत हो गई।
ग्वालियर के चर्चित अक्षया यादव हत्याकांड में अदालत ने मुख्य आरोपी सुमित रावत, उसके भाई उपदेश रावत, साजिशकर्ता बाला सर्वे और पृथ्वीराज चौहान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पूर्व डीजीपी की नातिन अक्षया को एकतरफा प्रेम के जुनून में गोलियों से भूना गया था। मामले की मुख्य गवाह सोनाक्षी शर्मा ने फैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। घटना के बाद से सोनाक्षी और उनका परिवार खौफ के साये में जी रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई और सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है।