इंदौर के तुकोगंज क्षेत्र में 32 वर्षीय असिस्टेंट प्रोफेसर दिव्या सोनी ने अपने किराए के फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना बुधवार शाम को हुई जब उनकी रूम पार्टनर बाहर गई हुई थी। वापस लौटने पर दरवाजा अंदर से बंद मिला, जिसे पड़ोसियों की मदद से तोड़ा गया। अंदर दिव्या पंखे से लटकी मिलीं। आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है और कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छतरपुर की मूल निवासी दिव्या दो साल से इंदौर में रहकर ‘विक्रम कॉलेज’ में कार्यरत थीं। पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में जसपाल सिंह यादव आत्महत्या मामले में पुलिस ने जांच के बाद पांच आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने जसपाल को 3.45 करोड़ रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर 23 लाख रुपये ठग लिए थे। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने इनकार कर दिया, जिससे जसपाल ने मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की गुहार लगाई गई थी। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
ग्वालियर में जसपाल सिंह यादव नामक एक युवक ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। वह केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थक बताया जा रहा है। मृतक ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें आशीष गुप्ता, रवि जाटव और मुख्य आरोपी रवि कुमार नामक तीन लोगों पर जमीन पर 3.45 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराने के बहाने 23 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। नोट में कहा गया है कि आरोपियों ने फरवरी 2025 में पैसे लेकर जुलाई 2026 तक कोई काम नहीं किया और फरार हो गए। पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच में ले लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
ग्वालियर में जसपाल सिंह यादव ने 23 लाख रुपये की ठगी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। तीन लोगों ने उन्हें लोन दिलाने का झांसा दिया था, जिसके लिए जसपाल ने अपनी गाड़ी और अन्य संपत्ति गिरवी रखकर 20% ब्याज पर कर्ज लिया था। एक फर्जी सेंक्शन लेटर भी दिखाया गया। पांच पेज के सुसाइड नोट में जसपाल ने आशीष गुप्ता, रवि जाटव और रवि कुमार को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से न्याय दिलाने तथा अपने पिता को रुपये वापस दिलवाने की गुहार लगाई है।
सतना जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र के धमना गांव में शुक्रवार दोपहर 22 वर्षीय नवविवाहिता लक्ष्मी विश्वकर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लक्ष्मी अपने मायके में अकेली थीं जब परिवार के सदस्य खेत पर गए थे। परिजनों के लौटने पर उनका शव फंदे पर लटका मिला। सूचना पर पहुंची अमरपाटन पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया और जांच शुरू कर दी है। मृतका की शादी इसी वर्ष 5 मई को हुई थी। आत्महत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है, पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
ग्वालियर में 22 वर्षीय फोटोग्राफर मोंटी मोरे ने अपनी 20 साल बड़ी रिश्ते की भाभी से एकतरफा प्रेम में असफल रहने के बाद आत्महत्या कर ली। मोंटी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि वह अपनी भाभी के बिना नहीं रह सकता था। उसने अपनी मौत के लिए भाभी को जिम्मेदार ठहराया और मरने के बाद इंसाफ की मांग की। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है और शुरुआती जांच में एकतरफा प्रेम की पुष्टि हुई है। पुलिस इस मामले में 42 वर्षीय महिला से पूछताछ करेगी।
इंदौर के परदेसीपुरा थाना क्षेत्र में एक मां इंदिरा और उसके बेटे संजय ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी को आत्महत्या का संभावित कारण माना जा रहा है। परिजनों ने यह भी बताया कि मां-बेटे दोनों का इंदौर के बाणगंगा अस्पताल में मानसिक रोग का उपचार चल रहा था। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की विस्तृत जांच कर रही है, जिसके बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
ग्वालियर के महाराजपुरा क्षेत्र में ज्योति नामक एक महिला ने दो बेटियों को जन्म देने के बाद ससुराल वालों द्वारा बेटा न होने पर ताने और दहेज की मांग से तंग आकर आत्महत्या कर ली। पति शुभम सिंह राजावत सहित आठ ससुराल वालों पर दहेज हत्या और अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मृतका के पिता के बयान के अनुसार, ससुराल वाले क्रेटा कार या 25 लाख रुपये नकद की मांग करते थे और ज्योति को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे, जिसमें मारपीट और भोजन न देना शामिल था। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
भोपाल में कर्ज के दबाव और सूदखोर व एक फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों की प्रताड़ना से परेशान होकर 37 वर्षीय शेफ रामश्रवण पटेल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव मंगलवार शाम कलियासोत डैम के पास एक पेड़ पर लटका मिला। सुसाइड नोट में उन्होंने साहूकार द्वारा मूलधन चुकाने के बाद भी प्रतिदिन 10 हजार रुपये ब्याज मांगने और फाइनेंस कंपनी के एजेंटों द्वारा लगातार दबाव बनाने का आरोप लगाया। परिवार ने कर्ज चुकाने के लिए गहने गिरवी रखे थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, जिसमें सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और कॉल डिटेल्स की पड़ताल की जा रही है।