जबलपुर हाई कोर्ट ने कटनी के 18 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में केवल समझौते के आधार पर एफआईआर निरस्त करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि जांच प्रारंभिक चरण में है और फर्जी लेटर पैड तैयार कर रकम लेने जैसे गंभीर आरोपों की पड़ताल बाकी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि समझौता हर मामले में आपराधिक कार्यवाही समाप्त करने का आधार नहीं हो सकता। याचिकाकर्ता जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जाने शेष हैं।