बुलंद सोच, विदिशा।
न्यायाधीश हर प्रसाद बंशकार ने सौरभ जैन की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रिचा जैन, प्रेमी दीपेश भार्गव, राजा उर्फ प्रद्युम्न यादव, लखन जाटव, गुरु उर्फ गोलू मंसूरी और सागर उर्फ दचका को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला मध्य प्रदेश के विदिशा जिले का है।
इसी मामले में अंशुल जैन को 10 वर्ष के कारावास और जुर्माने से दंडित किया गया। फैसला सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया।
22 फरवरी 2023 को सौरभ जैन की हत्या एक पूर्व-नियोजित साजिश के तहत की गई थी। पत्नी रिचा जैन ने अपने प्रेमी दीपेश भार्गव के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।
अपराधियों ने पहले घर में हत्या का प्रयास किया, लेकिन परिजनों की मौजूदगी के कारण यह योजना सफल नहीं हो सकी।
इसके बाद, सौरभ को भोपाल चलने का बहाना बनाकर रात में घर से बाहर ले जाया गया। रास्ते में सिरोंज के रोलपुरा चौराहे पर उनके अन्य साथी भी शामिल हो गए।
वहां से सभी दूसरी कार में सिरोंज-लटेरी मार्ग की ओर निकले। जंगल के कच्चे रास्ते पर पहुंचने के बाद, सुपारी देकर बुलाए गए लखन जाटव और राजा उर्फ प्रद्युम्न यादव ने तौलिये से सौरभ का गला घोंट दिया।
सौरभ की मौत के बाद शव को एक खंती में फेंक दिया गया। पहचान मिटाने के लिए पत्नी रिचा जैन ने उसके चेहरे को एक भारी पत्थर से कुचल दिया था।
अपराधी बेफिक्र होकर अपना जीवन जी रहे थे। जुलाई में सौरभ के भाई ने अशोक नगर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच के बाद जब पत्नी रिचा जैन और उसके प्रेमी दीपेश भार्गव को पकड़ा, तो उन्होंने हत्या करने की बात स्वीकार कर ली, लेकिन कई दिनों तक शव छिपाने की जगह को लेकर गुमराह करते रहे।
यह चर्चित मामला दाम्पत्य जीवन में विश्वासभंग की भयावह परिणति का उदाहरण भी बन गया है। “दृश्यम” फिल्म देखकर तैयार किया गया यह छलावा अपराधियों के काम नहीं आया और विवेचना ने उन्हें न्याय के कठघरे में खड़ा किया।

