राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए संविदा आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इसका उद्देश्य जिला और ब्लॉक स्तर पर रिक्त पदों को भरना है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत, आयुष डॉक्टर आंगनबाड़ियों और सरकारी स्कूलों में 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य नेटवर्क को मजबूत करेगी और बच्चों में जन्मजात बीमारियों, कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व नि:शुल्क इलाज सुनिश्चित करेगी, जिससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की पहुंच भी बढ़ेगी।
भोपाल में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी के डॉक्टर अवैध रूप से एलोपैथिक दवाएं लिख रहे हैं, इंजेक्शन लगा रहे हैं और मामूली सर्जरी भी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में है। नवदुनिया की पड़ताल में सुंदर नगर, सेमरा कलां और सुभाष कॉलोनी में ऐसे कई मामले सामने आए। भोपाल सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए एक चार सदस्यीय जांच टीम गठित करने और अनियमितता मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने अवैध दवाओं के प्रयोग से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों पर भी प्रकाश डाला।