सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एससी आयोग) को कर्मचारियों के बकाया वेतन के भुगतान का आदेश देने का अधिकार नहीं है। शीर्ष अदालत ने कहा कि आयोग केवल जांच, सिफारिश और सलाह दे सकता है, जबकि बाध्यकारी आदेश जारी करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। कोर्ट ने यह भी बताया कि संविधान के अनुच्छेद 338, 338ए और 338बी के तहत गठित आयोगों की भूमिका सलाहकारी और सिफारिशी है, और उन्हें न्यायिक फैसले सुनाने या बाध्यकारी आदेश जारी करने का अधिकार नहीं दिया गया है।