भोपाल नगर निगम की ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ योजना के तहत संचालित 18 में से 17 प्रोजेक्ट्स बिना पर्यावरण मंजूरी के चल रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नितिन सक्सेना द्वारा सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी से यह खुलासा हुआ है। केवल राहुल नगर प्रोजेक्ट को ही मंजूरी मिली है, जबकि 10 परियोजनाओं के लिए आवेदन तक नहीं किया गया और 7 की फाइलें लंबित हैं। राहुल नगर, कोकटा और भानपुर जैसे प्रोजेक्ट्स बनकर तैयार हो चुके हैं और लोग वहां रह रहे हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों ने बिना मंजूरी के निर्माण से भूजल स्तर गिरने, पेड़ों की कटाई, जलभराव और प्रदूषण जैसे गंभीर खतरों की चेतावनी दी है।
भोपाल के रवींद्र भवन में सेंट्रल एसी सिस्टम तीन-चार महीने से बंद पड़ा है, जबकि आरटीआई से खुलासा हुआ है कि 2023 से सितंबर 2025 के बीच इसकी मरम्मत और मेंटेनेंस पर 32 लाख रुपये खर्च किए गए। केवल 2025 में ही 9 लाख रुपये का बिल काटा गया। किराए के एसी लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, लेकिन वे अपर्याप्त हैं और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे कलाकारों और दर्शकों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। संस्कृति संचालनालय की कार्यालय प्रमुख ने मेंटेनेंस जारी होने की बात कही है।