इंदौर में तीन साल पहले हुए 8 करोड़ रुपये के गबन का मामला फिर से खुल गया है। पुलिस ने इस संबंध में 35 नए आरोपियों की सूची तैयार की है, जिनमें मजदूर, ड्राइवर और निलंबित कर्मचारी मिलाप चौहान के रिश्तेदार शामिल हैं। मिलाप चौहान ने कलेक्ट्रेट में पदस्थ रहते हुए कोषालय के चालानों में हेराफेरी कर परिचितों के खातों में धन जमा कराया था। पुलिस आयुक्त के आदेश के बाद जांच में तेजी आई है और कई नए नाम जोड़े गए हैं, जबकि कुछ आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
इंदौर पुलिस द्वारा तोड़फोड़ के आरोपितों का जुलूस निकालने के दौरान उनके हाथ में बंधा कथित फर्जी पट्टा अब पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गया है। पहले जेल के वीडियो से उठे सवालों के बाद अब जांच अस्पताल तक पहुंच गई है। टीआई सुशील पटेल और खुफिया सेल के दावों के विपरीत, पट्टे के बंधने और खुलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एडीसीपी ओमप्रकाश डॉक्टरों के बयान और दस्तावेज खंगाल रहे हैं, जबकि कई पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं।