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लाड़ली बहना योजना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का व्यापक अध्ययन कराएगी मध्य प्रदेश सरकार

मध्य प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना के तीन वर्ष पूरे होने के बाद इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का व्यापक अध्ययन कराएगी। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (एआईजीजीपीए) को लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं तक पहुंची इस योजना के आकलन का जिम्मा सौंपा गया है। यह अध्ययन महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, घरेलू निर्णयों में भागीदारी और परिवार की जरूरतें पूरी करने की क्षमता में हुए बदलाव का आकलन करेगा। इसमें खर्च के तरीके, आर्थिक स्थिति में सुधार, स्वरोजगार के अवसर और वंचित पात्र महिलाओं की संख्या का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में युवाओं के लोन आवेदन खारिज होने की दर सर्वाधिक, PMEGP सब्सिडी में भी भारी गिरावट

मध्य प्रदेश में दीनदयाल जन आजीविका योजना-शहरी (DJAY-S) के तहत युवाओं के ऋण आवेदन खारिज होने की दर देश में सर्वाधिक रही है। 284 से अधिक आवेदनों में से 138 सीधे अस्वीकृत कर दिए गए। युवाओं ने ₹15.83 करोड़ के ऋण की मांग की थी, लेकिन केवल ₹84.1 लाख (5.3%) का ही वितरण हो सका। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) में भी मध्य प्रदेश को बड़ा झटका लगा है, जहां वित्तीय वर्ष 2021-22 में ₹209.58 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी घटकर वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹84.29 करोड़ रह गई है।

लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त अगस्त 2026 में 10 तारीख के आसपास संभावित

मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 38 किस्तें जारी हो चुकी हैं, जिसमें जुलाई 2026 में 1,500 रुपये की 38वीं किस्त दी गई थी। अब सवा करोड़ से अधिक महिलाएं 39वीं किस्त का इंतजार कर रही हैं। पिछले भुगतान पैटर्न के अनुसार, अगस्त 2026 की 39वीं किस्त 10 अगस्त के आसपास जारी होने की संभावना है, हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लाभार्थियों के लिए बैंक खातों का आधार से लिंक होना, डीबीटी सक्रिय होना और समग्र ई-केवाईसी पूरा होना अनिवार्य है, अन्यथा भुगतान रुक सकता है। लाभार्थी आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी किस्त का स्टेटस जांच सकते हैं।

केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को टैक्स शेयरिंग में 8010 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किस्त जारी की

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने मध्य प्रदेश को टैक्स शेयरिंग के तहत 8010 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किस्त जारी की है। इस राशि का उपयोग राज्य सरकार अपनी योजनाओं और विकास कार्यों में कर सकेगी। मध्य प्रदेश देश में तीसरा सबसे ज्यादा फंड पाने वाला राज्य बना है। केंद्र सरकार ने शनिवार को पांच राज्यों को कुल 1.09 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त टैक्स शेयरिंग राशि जारी की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 अगस्त, 2026 को इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा: आवेदन की अंतिम तिथि 7 अगस्त तक बढ़ी

अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई, 2026 से बढ़ाकर 7 अगस्त, 2026 कर दी गई है। यह छात्रवृत्ति आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक सपनों को साकार करने में सहायता प्रदान करती है। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे, जिसमें संलग्न दस्तावेजों का आकार एक एमबी से अधिक नहीं होना चाहिए। इस बार भी दो दृष्टिहीन विद्यार्थियों को विशेष छात्रवृत्ति मिलेगी, जिन्हें परीक्षा में एक कक्षा नीचे के सहायक को लाने की अनुमति होगी। आवेदकों को ध्यान देना होगा कि एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही फॉर्म भरा जा सकता है।

अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति: आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई

अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई है। इच्छुक छात्र फाउंडेशन या अमर उजाला की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। दृष्टिहीन विद्यार्थियों के लिए दो विशेष छात्रवृत्तियां उपलब्ध हैं, जिन्हें परीक्षा में सहायक लाने की अनुमति होगी, बशर्ते सहायक एक कक्षा नीचे का छात्र हो और स्कूल का आई कार्ड लाए। आरती और विनायक वर्मा जैसे छात्रों ने आर्थिक बाधाओं के बावजूद छात्रवृत्ति की मदद से अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

लाड़ली बहना योजना में नए पंजीयन बंद, इंदौर में 19,654 महिलाएं योजना से बाहर

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में पिछले तीन वर्षों से नए पंजीयन बंद हैं, जिसके परिणामस्वरूप इंदौर जिले में अब तक 19,654 महिलाएं योजना से बाहर हो चुकी हैं। शुरुआत में 4.57 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जबकि वर्तमान में 4.38 लाख महिलाओं को ही लाभ मिल रहा है। योजना से बाहर होने का सबसे बड़ा कारण 60 वर्ष की आयु पूरी करना है, जिससे 14,151 महिलाएं प्रभावित हुई हैं। अन्य कारणों में अपात्रता, स्वयं छोड़ना, मृत्यु और आईडी संबंधी समस्याएं शामिल हैं। राशि 1,000 रुपये से बढ़कर 1,500 रुपये हो गई है, लेकिन नए लाभार्थियों को शामिल नहीं किया जा रहा है।