साध्वी हर्षानंद गिरि ने आश्रम में न रहने संबंधी अपने पूर्व के बयान से यू-टर्न लेते हुए स्पष्ट किया है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य संत समाज पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाना था। उन्होंने सुरक्षा की गारंटी मिलने पर आश्रम में सेवा करने और जिम्मेदारी संभालने की इच्छा जताई। साध्वी ने उज्जैन के एक रेप मामले का हवाला देते हुए घर पर अधिक सुरक्षित महसूस करने की बात कही और भविष्य में बेघर महिलाओं के लिए आश्रम बनाने की इच्छा व्यक्त की।