उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता टीवीएस ने 300 एकड़ भूमि की मांग कर बड़े निवेश में रुचि दिखाई है। कंपनी एमपीआईडीसी से विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए यह भूमि चाहती है। यह प्रस्ताव उद्योगपुरी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे उज्जैन प्रदेश के प्रमुख विनिर्माण केंद्रों में और मजबूत होगा। उद्योगपुरी में अब तक 115 उद्यमियों को भूखंड आवंटित हुए हैं और 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सामाजिक अधोसंरचना और मेडिकल डिवाइस पार्क का भी तेजी से विकास हो रहा है, जिससे हजारों रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश के इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में बीटेक प्रवेश प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग के दो चरण पूरे हो चुके हैं। उच्च शिक्षा विभाग के 31 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 135 संस्थानों में कुल 75,249 बीटेक सीटों में से 39,589 सीटें अभी भी रिक्त हैं। दो चरणों की काउंसलिंग के बाद 35,660 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। अब महाविद्यालयों की उम्मीदें आगामी सात अगस्त से शुरू होने वाली कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) पर टिकी हैं। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग सबसे पसंदीदा शाखा रही, जबकि सिविल इंजीनियरिंग दूसरे स्थान पर रही।
राजधानी भोपाल में विकास कार्यों में इंजीनियरिंग की खामियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में अवधपुरी क्षेत्र के विद्यासागर तिराहे पर लाखों की लागत से बने सार्वजनिक यूरिनल के चारों ओर तीन-चार फीट ऊंची दीवार खड़ी कर दी गई है, जिससे उसका प्रवेश मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब यह यूरिनल अनुपयोगी हो गया है, जिससे निर्माण पर खर्च लाखों रुपये व्यर्थ हो गए हैं। नगर निगम के अधीक्षण यंत्री संतोष गुप्ता ने मामले की जानकारी न होने पर जांच का आश्वासन दिया है।